लखनऊ में 'पोस्टर बम' का धमाका: 'धुरंधर' योगी बनाम 'ल्यारी' अखिलेश

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब तक पोस्टर न लगे, तब तक चुनाव का मजा अधूरा रहता है! लेकिन इस बार लखनऊ की सुबह किसी चुनावी रैली से नहीं, बल्कि एक पोस्टर बम से हुई है जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। फिल्म 'धुरंधर' की चर्चा अब फिल्मी पर्दों से निकलकर सीधे मुख्यमंत्री आवास और लखनऊ के मुख्य चौराहों तक पहुंच गई है। 

राजधानी की दीवारों पर लगे इन पोस्टरों ने सीधे-सीधे समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी भाजपा के बीच एक नई महाजंग छेड़ दी है। पोस्टर में एक तरफ अखिलेश यादव का चेहरा है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। सवाल सीधा और तीखा पूछा गया है कि "आपको क्या चाहिए?" दरअसल, ये पोस्टर 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नाम के संगठन की ओर से लगाए गए हैं। 
इनमें तुलना की गई है कि जनता को क्या पसंद है। जहां पोस्टर के एक हिस्से में अखिलेश यादव की फोटो के साथ 'ल्यारी राज' का जिक्र किया गया है। यहाँ मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली के दंगों की याद दिलाई गई है। सपा शासनकाल की उन घटनाओं को आधार बनाकर निशाना साधा गया है जिन्हें विपक्षी दल अराजकता का दौर बताते हैं। वहीं दूसरी तरफ सीएम योगी को 'धुरंधर' बताया गया है। इस हिस्से में यूपी के बड़े माफियाओं के अंत की तस्वीरें और अखबारों की कटिंग्स लगाई गई हैं। इसमें अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसे नाम शामिल हैं, जिनके साम्राज्य के खात्मे को योगी सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती है। 

आपको बता दें उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2017 से लगातार दो बार सत्ता संभाल रहे योगी आदित्यनाथ के लिए यह हैट्रिक का मौका है, तो वहीं समाजवादी पार्टी के लिए सत्ता में वापसी की आखिरी कोशिश। चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन लखनऊ की सड़कों पर लगी ये होर्डिंग्स बता रही हैं कि इस बार मुकाबला विकास से ज्यादा कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे पर केंद्रित होने वाला है। 

दिलचस्प बात यह है कि इस पोस्टर वॉर के लिए 'धुरंधर' फिल्म के नाम और पोस्टर के स्टाइल का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह सिर्फ ट्रेलर है, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सड़कों पर ऐसे और भी कई तीखे और विवादित पोस्टर देखने को मिल सकते हैं। भाजपा जहां माफिया मुक्त यूपी के नारे को भुना रही है, वहीं सपा इसे ध्यान भटकाने वाली राजनीति बता सकती है।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.