यूपी में आसमानी आफत! भारी बारिश के बीच रेड अलर्ट, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने शनिवार को भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में रेड अलर्ट के चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारी बारिश, आंधी-तूफान और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को फील्ड में जाकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। रेड अलर्ट और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में स्कूल बंद रखने को भी कहा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान जोरदार बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने के साथ झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
भारी बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए राज्य सरकार ने 27 सितंबर तक जिला प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को जमीनी स्तर पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी करने को कहा है। अधिकारियों को आकाशीय बिजली और अत्यधिक बारिश से होने वाले नुकसान का तत्काल आकलन करने तथा प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जर्जर मकानों और अस्थायी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को नजदीकी राहत शिविरों में पहुंचाने को कहा गया है।
प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और लोगों तक मौसम की चेतावनी स्थानीय संचार माध्यमों और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी अपील की गई है कि तेज बारिश, आकाशीय बिजली और आंधी के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों और जलाशयों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर बारिश तथा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। लखनऊ में भी बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तेज हवाओं और आंधी के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
बारिश को देखते हुए चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों से एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की गई है, क्योंकि बारिश के चलते शहर में ट्रैफिक प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने की आशंका है। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि उसकी टीम स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और यात्रियों की सुविधा तथा एयरपोर्ट संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को खास तौर पर जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने तथा राहत और बचाव के सभी इंतजाम सक्रिय रखने को कहा गया है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

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