वीडी सतीशन ने ली सीएम पद की शपथ, राहुल-प्रियंका की मौजूदगी में गूंजा सेंट्रल स्टेडियम

दक्षिण भारत के सियासी गलियारों से आज एक ऐतिहासिक खबर सामने आई! जी हां केरल की धरती पर करीब एक दशक से पैर जमाए वामपंथी किले को ढहाकर कांग्रेस की अगुवाई वाले UDF गठबंधन ने तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में ऐसी हुंकार भरी है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। आज सोमवार 18 मई की सुबह ठीक 10 बजे, जब पूरा आसमान सियासत के दिग्गजों की मौजूदगी से सराबोर था, तब लगातार 6 बार के अजेय विधायक और पारावुर के बेताबी बादशाह वीडी सतीशन ने केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने उन्हें जब शपथ दिलाई, तो पूरा स्टेडियम 'कांग्रेस जिंदाबाद' और 'यूडीएफ गठबंधन अमर रहे' के नारों से गूंज उठा।

आपको बता दें यह कोई आम शपथ ग्रहण नहीं था, यह केरल के इतिहास का वो पन्ना है जो लगभग छह दशकों यानि 60 साल के बाद दोबारा लिखा गया है। अमूमन देखा जाता है कि मुख्यमंत्री अकेले या दो-चार खास मंत्रियों के साथ शपथ लेते हैं, लेकिन इस बार वीडी सतीशन ने अपने पूरे 20 मंत्रियों के साथ एक साथ मंच पर आकर शपथ ली। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और कर्नाटक के कद्दावर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार खास तौर से मौजूद रहे। 

आपको बता दें सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह के लिए सुरक्षा के ऐसे अभेद्य इंतजाम किए गए थे कि परिंदा भी पर न मार सके। तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर सुबह 7 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक विशेष ट्रैफिक और पार्किंग नियम लागू रहे क्योंकि पूरा शहर UDF समर्थकों और VVIP गाड़ियों से अटा पड़ा था। बारिश के अंदेशे को देखते हुए स्टेडियम में वॉटरप्रूफ टेंट और हजारों लोगों के बैठने की VIP व्यवस्था की गई थी। इस समारोह की सबसे दिलचस्प और दिल जीतने वाली तस्वीर तब सामने आई जब UDF की आंधी में सत्ता गंवाने वाले निर्वतमान मुख्यमंत्री और LDF के कद्दावर नेता पिनरई विजयन खुद विपक्ष के नेता के तौर पर इस समारोह में शामिल हुए। उनके साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और IUML के सर्वेसर्वा सैयद सादिकली शिहाब थंगल ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर केरल की इस नई सियासी शुरुआत को और गरिमामय बना दिया। अब कर्नाटक और तेलंगाना के बाद केरल, दक्षिण भारत का वो तीसरा राज्य बन गया है जहां कांग्रेस का झंडा पूरी शान से बुलंद हो रहा है। 

आपको बता दें वीडी सतीशन की इस 21 सदस्यीय टीम में अनुभव की धार भी है और युवाओं का नया जोश भी। 14 नए चेहरों को टीम में शामिल करके मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि वे भविष्य की राजनीति की बिसात बिछा चुके हैं। हालांकि, इस मंत्रिमंडल के गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन यानी सोशल इंजीनियरिंग का विशेष ख्याल रखा गया है। अनुसूचित जाति समाज से दो चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि महिलाओं को भी कैबिनेट में दमदार प्रतिनिधित्व देकर आधी आबादी को साधने का बड़ा काम किया गया है। वहीं कांग्रेस के बेहद सीनियर नेता रमेश चेन्निथला को सबसे भारी-भरकम 'गृह मंत्रालय' का जिम्मा मिला है। तो आइए आपको बताते हैं कि इस भारी-भरकम मंत्रिमंडल में कांग्रेस और उसके सहयोगियों में किन-किन दिग्गजों को जगह मिली है: 

कांग्रेस से.....

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ 
दिग्गज नेता के. मुरलीधरन 
एपी अनिल कुमार
पीसी विष्णुनाथ
रोजी एम जॉन
बिंदु कृष्णा

IUML से.....

कद्दावर नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी
एन. शमसुद्दीन
के.एम. शाजी
पी.के. बशीर 
वी.ई. अब्दुल गफूर 

सहयोगी दलों में......

RSP से शिबू बेबी जॉन
केरल कांग्रेस (जैकब) के अनूप जैकब
CMP के सी.पी. जॉन 
केरल कांग्रेस (जोसेफ) के मॉन्स जोसेफ

आपको बता दें सरकार गठन के साथ ही सीएम वीडी सतीशन ने रविवार को ही विधानसभा के शीर्ष पदों का भी ऐलान कर दिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ और कद्दावर नेता थिरुवनचूर राधाकृष्णन को केरल विधानसभा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके साथ ही तेजतर्रार विधायक अपू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक बनाया गया है।

कुल मिलाकर इस पूरे शपथ ग्रहण और कैबिनेट के गठन से एक बात बिल्कुल साफ हो चुकी है कि 2001 से लगातार पारावुर से अपराजेय रहने वाले और विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में LDF सरकार की नाक में दम करने वाले वीडी सतीशन अब केरल के निर्विवाद 'सुल्तान' बन चुके हैं। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में न सिर्फ अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया है, बल्कि गठबंधन के सभी साथियों को मनचाही तवज्जो देकर यह साबित कर दिया है कि आने वाले 5 साल केरल में विकास और सुशासन की नई इबारत लिखने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि प्रचंड बहुमत से बनी यह नई सरकार केरल की जनता की उम्मीदों के आसमान को कितनी ऊंची उड़ान देती है!

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