रघुवंशी धर्मशाला में आयोजित समाज सुधार की संकल्प बैठक में कई कुरतियों में मिला बदलाव का संकेत
गंजबासौदा - भारतीय समाज में कुरतियों का रूप ले चुकी सामाजिक परंपराओं में सुधार को लेकर बुधवार को रघुवंशी समाज ने सामूहिक रूप से ऐतिहासिक कदम उठाया है। सामाजिक परंपराओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से रघुवंशी समाज ने मृत्यु भोज को लेकर समाज सुधार की दिशा में पहल करते हुए बुधवार को समाज की बैठक में अनुकरणीय निर्णय लिया। बरेठ रोड स्थित रघुवंशी धर्मशाला में दोपहर को आयोजित हुई बैठक में नगर सहित ग्रामीण अंचलों से आए समाज ने सामूहिक रूप से शपथ लेकर यह संकल्प लिया कि अब समाज जन सामाजिक परंपराओं में सुधार करते हुए धीरे-धीरे मृत्यु भोज को बड़े रूप में ना लेकर परिवारजन, निकटतम रिश्तेदार और ब्राह्मणों तक ही सीमित रखेंगे। इसके अलावा बैठक में अन्य मुद्दों के अलावा विवाह समारोहों में प्री-वेडिंग शूटिंग जैसी फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का भी एकमत से समर्थन किया गया। समाजजनों ने कहा कि ऐसे चलन समाज पर आर्थिक बोझ बढ़ाते हैं और इन्हें त्यागना समय की मांग है। बैठक में हाल ही में विधायक हरि सिंह रघुवंशी द्वारा अपनी माताजी के निधन के पश्चात मृत्यु भोज को केवल ब्राह्मण, परिवारजनों एवं निकटतम रिश्तेदारों तक सीमित रखने के निर्णय को समाज सुधार की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण का स्वागत किया। समाज जनों ने इसे सामाजिक दिखावे के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश देने वाला साहसिक कदम बताया। बैठक में अनेक बंधुओ ने समाज सुधार को लेकर अपने-अपने सुझाव समाज जनों के बीच रखें। मालूम हो कि सीमित रघुवंशी समाज की एकता, संगठन और सामाजिक परंपराओं में सुधार को लेकर बुधवार को बरेठ रोड स्थित रघुवंशी धर्मशाला में समाज की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंजबासौदा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। बैठक को औपचारिकता से ऊपर उठाते हुए समाज के वर्तमान स्वरूप और भविष्य की चुनौतियों पर गंभीर और सार्थक विमर्श हुआ। बैठक में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि समाज में प्रचलित मृत्यु भोज की परंपरा को चरणबद्ध तरीके से सीमित किया जाएगा। तय हुआ कि मृत्यु भोज केवल परिवार, निकटतम रिश्तेदारों एवं जरूरतमंद लोगों तक ही सीमित रहेगा। समाजजन शोक-संतप्त परिवार के यहां पहुंचकर संवेदना व्यक्त करेंगे तथा बड़े स्तर पर मृत्यु भोज आयोजित न करने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही मृत्यु भोज में होने वाले अनावश्यक खर्च को परिवार, समाजहित अथवा दिवंगत आत्मा की स्मृति में किसी परमार्थी कार्य में लगाने का संकल्प भी लिया गया। बैठक में उपस्थित वरिष्ठ समाजजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को समाज सुधार और संगठन सशक्तिकरण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अंत में समाज के वरिष्ठ जनों ने सभी स्वजातीय बंधुओं से समाजहित में लिए गए इन निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज सुधार की इस मुहिम को सफल बनाने की अपील की। बैठक में पूर्व कानून मंत्री वीरसिंह रघुवंशी, पूर्व संसदीय सचिव अजयसिंह रघुवंशी, रघुवंशी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रहलाद सिंह रघुवंशी, जिला अध्यक्ष मोहर सिंह रघुवंशी अहमदपुर , रघुवंशी धर्मशाला के अध्यक्ष रामकृष्ण रघुवंशी ठेकेदार, रघुवंशी परमार्थ सेवा ट्रस्ट (अयोध्या) के अध्यक्ष प्रताप सिंह रघुवंशी मानोरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
विधायक की पहल को बताया समाज को दिशा देने वाला उदाहरण
बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि हाल ही में विधायक हरि सिंह रघुवंशी द्वारा अपनी माताजी के देहावसान के उपरांत समाज की भावना के अनुरूप मृत्यु भोज को केवल ब्राह्मण एवं निकटतम परिजनों तक सीमित रखने के निर्णय की विशेष रूप से सराहना की गई। इसे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल बताया गया। विधायक हरि सिंह रघुवंशी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हमारी परंपराएं हमारी पहचान हैं, किंतु जब वे दिखावे और सामाजिक दबाव के कारण कुरीति का रूप लेने लगें, तो उनमें सुधार समय की मांग बन जाता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक बोझ के चलते कई परिवार विवश होकर ऐसी परंपराओं का निर्वहन करते हैं, जिस पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए। समाज ने एक स्वर में विधायक श्री रघुवंशी के मृत्यु भोज को सीमित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए समर्थन किया।
समाज की मांग : शादियों में दिखावे पर भी चले कैंची, प्री-वेडिंग शूटिंग पर रोक का समर्थन
इसके साथ ही बैठक में विवाह समारोहों में अनावश्यक रूप से हो रहे दिखावे तथा कई फिजूलखर्चो पर समाज जनों ने कैंची चलाने की मांग की। प्री-वेडिंग शूटिंग जैसी फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के प्रस्ताव का भी एक स्वर में समर्थन किया गया। समाजजनों ने इसे दिखावे की प्रवृत्ति बताते हुए समाजहित में त्यागने का संकल्प लिया। बैठक में आगामी 1 फरवरी को विदिशा में आयोजित होने वाले रघुवंशी समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। समाज के जिला अध्यक्ष मोहर सिंह रघुवंशी ने विवाह योग्य युवक-युवतियों से सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए बताया कि यह आयोजन संस्कार युक्त विवाह परंपरा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही परिचय सम्मेलन में आयोजित करियर मार्गदर्शन कार्यशाला में समाज के ऐसे विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कार्यशाला में प्रशासनिक उच्च पदों पर बैठे समाज के प्रतिभावान अपने संघर्ष और अनुभव से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन देंगे।
रिपोर्टर - हेमंत आनंद

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