रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से 16 वर्षीय बालक सुरक्षित परिजनों को सौंपा
विदिशा : मानवीय संवेदनाओं और त्वरित प्रशासनिक समन्वय का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जब ट्रेन में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लाए गए 16 वर्षीय बालक को सुरक्षित बचाकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पूरी कार्यवाही में रेलवे सुरक्षा बल, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय बालक प्रियांशु माथुर जब नींद से जागा तो उसने स्वयं को विदिशा रेलवे स्टेशन पर पाया। अनजान स्थान और परिस्थितियों को देखकर बालक घबरा गया, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से संपर्क कर सहायता मांगी।
आरपीएफ ने दिखाई तत्परता, समिति के समक्ष किया प्रस्तुत
रेलवे सुरक्षा बल ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बालक को तत्काल बाल कल्याण समिति विदिशा के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने बालक की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की।
मामले की जानकारी मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारी अनुज जैन ने बालक के परिजनों से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलते ही परिजन विदिशा पहुंचे।
रिपोर्टर : हेमंत आनंद
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