पानी विवाद या जमीन घोटाले का इंतकाम? देहरादून में हिंदू युवक की मौत से सुलगा इलाका

देवभूमि उत्तराखंड के विकासनगर से इस वक्त की बेहद खौफनाक और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैरागीवाला गांव में एक मामूली विवाद के बाद हुई मॉब लिंचिंग में एक युवक की मौत ने पूरे इलाके को सुलगने पर मजबूर कर दिया है। इंसाफ और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर उतरी भीड़ ने आरोपी का घर फूंक दिया है। गांव छावनी में तब्दील है, इंटरनेट सेवाएं ठप हैं और प्रशासन का बुलडोजर अब एक्शन मोड में आ चुका है।

इस पूरी हिंसा का एक बेहद डरावना सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जो अब पुलिस जांच की सबसे अहम कड़ी बन चुका है: वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गांव की गलियों में अचानक दर्जनों लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर दौड़ते हैं और एक-दूसरे पर हमला कर देते हैं। फुटेज में जान बचाने के लिए भागते लोग, चीख-पुकार और दहशत के बीच सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भागतीं महिलाएं और बच्चे दिखाई दे रहे हैं। जहां एक तरफ पुलिस के एसपी देहात पंकज गैरोला का कहना है कि विवाद की शुरुआत खेत में पानी लगाने को लेकर हुई थी, वहीं बैरागीवाला के ग्राम प्रधान विक्की कश्यप ने एक बड़ा खुलासा किया है।

ग्राम प्रधान का बड़ा बयान: "यह महज पानी का विवाद नहीं है, बल्कि जमीन का बड़ा घोटाला है। मृतक विनोद (जो कि एक शिक्षक थे) ने पूर्व प्रधान के कार्यकाल में हुए जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसके बाद से ही उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। हमने सहसपुर थाने में शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार के 15 लोगों ने मिलकर विनोद को अकेले घेरकर मार डाला।"

विनोद की मौत की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण नेशनल हाईवे पर उतर आए और कई घंटों तक चक्काजाम रखा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि समुदाय विशेष के लोग देवभूमि का माहौल खराब कर इसे कश्मीर बनाना चाहते हैं। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों का तत्काल एनकाउंटर किया जाए। आरोपियों की सारी संपत्ति को सील और ध्वस्त किया जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए भाजपा विधायक मुन्ना चौहान पहले अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद वे सीधे पीड़ित परिवार से मिलने बैरागीवाला गांव पहुंचे। विधायक ने सहसपुर कोतवाली पुलिस के थाना प्रभारी को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने।

विकासनगर का बैरागीवाला गांव इस वक्त डर, गुस्से और भारी पुलिस बल के साये में जी रहा है। पुलिस भले ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दबिश देने और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही हो, लेकिन सिस्टम की लापरवाही पर भी बड़े सवाल उठ रहे हैं कि आखिर समय रहते शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 

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