महाराष्ट्र का रहस्यमयी चिंदर गांव: तीन दिनों तक इंसानों की एंट्री पर बैन, ‘भूतों’ के लिए खाली हो जाता है पूरा गांव
BY UJJWAL SINGH
भारत अपनी विविध संस्कृति, अनोखी परंपराओं और रहस्यमयी मान्यताओं के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां कई ऐसी परंपराएं हैं जो सुनने में किसी रहस्यमयी कहानी से कम नहीं लगतीं. ऐसी ही एक अनोखी परंपरा महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के चिंदर गांव में निभाई जाती है. इस गांव में साल में एक बार ऐसा समय आता है जब पूरा गांव तीन दिनों के लिए खाली कर दिया जाता है. घर, दुकानें, गलियां और मंदिर सब सुनसान हो जाते हैं. गांव के लोग मानते हैं कि इन तीन दिनों के दौरान देवता और आत्माएं गांव में आती हैं, इसलिए इंसानों का वहां रहना वर्जित माना जाता है.
गांव खाली होने की अनोखी परंपरा
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के चिंदर गांव में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है. इसे स्थानीय लोग “देव-पालन” के नाम से जानते हैं. इस दौरान गांव के सभी लोग अपने घरों को बंद कर गांव से बाहर चले जाते हैं. वे अपने साथ जरूरी सामान, पशु और भोजन लेकर गांव के बाहर अस्थायी झोपड़ियां बनाकर तीन दिनों तक वहीं रहते हैं.इन दिनों गांव की गलियां पूरी तरह सुनसान हो जाती हैं. घरों के दरवाजों पर नारियल के पत्ते लगाए जाते हैं, जो इस बात का संकेत होते हैं कि यहां इंसानों की मौजूदगी नहीं है. स्थानीय मान्यता है कि इस दौरान देवता और अदृश्य शक्तियां गांव में आती हैं और शांति से निवास करती हैं.
देवता और आत्माओं से जुड़ी कहानी
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, बहुत समय पहले इस इलाके में एक खतरनाक जंगली सूअर और उससे जुड़ी बुरी आत्माओं का आतंक था. तब गांव के देवता रावलनाथ और इन शक्तियों के बीच एक समझौता हुआ. इस समझौते के अनुसार, हर कुछ समय बाद तीन दिनों के लिए पूरा गांव देवताओं और आत्माओं के लिए खाली छोड़ दिया जाएगा. गांव वाले मानते हैं कि इस नियम का पालन करने से गांव सुरक्षित और खुशहाल रहता है.
तीन दिन बाद होती है वापसी
तीन दिन पूरे होने के बाद गांव का पुजारी मंदिर में विशेष पूजा करता है और देवता से गांव में लौटने की अनुमति मांगता है. इसके बाद ही सभी लोग अपने घरों में वापस आते हैं. यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाई जाती है. चिंदर गांव की यह अनोखी रस्म भारत की उन रहस्यमयी परंपराओं में से एक है, जो लोगों की आस्था, संस्कृति और सामूहिक विश्वास को दर्शाती है.

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