बच्चे को कितनी उम्र तक दें विटामिन D? जानिए सही समय और मात्रा
विटामिन D बच्चों की हड्डियों, दांतों, इम्यूनिटी और समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से रिकेट्स (हड्डियों का टेढ़ापन), बार-बार संक्रमण, कमजोरी और विकास में देरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सही उम्र तक और सही मात्रा में विटामिन D देना बहुत महत्वपूर्ण है।
क्यों जरूरी है विटामिन D?
कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है
हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है
इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है
मांसपेशियों के विकास में सहायक
किस उम्र तक देना चाहिए विटामिन D?
जन्म से 1 साल तक
सभी शिशुओं (खासकर केवल मां का दूध पीने वाले) को रोजाना 400 IU विटामिन D देना चाहिए।
क्योंकि मां के दूध में विटामिन D की मात्रा पर्याप्त नहीं होती।
1 साल से 18 साल तक
1 वर्ष के बाद बच्चों को रोजाना 600 IU विटामिन D की जरूरत होती है।
अगर बच्चा धूप में कम जाता है या खान-पान में कमी है, तो डॉक्टर सप्लीमेंट जारी रखने की सलाह दे सकते हैं।
क्या हर बच्चे को दवा की जरूरत होती है?
जरूरी नहीं। अगर बच्चा:
रोजाना 20–30 मिनट धूप लेता है
दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली जैसे खाद्य पदार्थ लेता है
और उसमें विटामिन D की कमी के लक्षण नहीं हैं
तो डॉक्टर सप्लीमेंट रोक भी सकते हैं।
लेकिन प्रीमैच्योर (समय से पहले जन्मे), कम वजन वाले या बार-बार बीमार पड़ने वाले बच्चों को लंबे समय तक सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
विटामिन D की कमी के लक्षण
हड्डियों में दर्द या कमजोरी
देर से चलना या खड़ा होना
पैरों का टेढ़ापन
बार-बार सर्दी-जुकाम
ऐसे लक्षण दिखें तो ब्लड टेस्ट (25-OH Vitamin D) करवाना चाहिए।
क्या ज्यादा देना नुकसानदायक है?
हाँ। जरूरत से ज्यादा विटामिन D देने से:
उल्टी, कब्ज
किडनी पर असर
खून में कैल्शियम बढ़ना
इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के हाई-डोज सिरप या सैशे न दें।
धूप कितनी जरूरी है?
सुबह 8 से 10 बजे के बीच 15–30 मिनट धूप (चेहरा, हाथ और पैर खुले हों) शरीर में प्राकृतिक विटामिन D बनाने में मदद करती है।
जन्म से 1 साल तक 400 IU रोजाना जरूरी।
1 साल के बाद 600 IU की जरूरत।
सप्लीमेंट की अवधि बच्चे की सेहत, खान-पान और धूप के अनुसार तय होती है।
हमेशा बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह से ही दवा शुरू या बंद करें।
सही मात्रा, सही समय और संतुलित आहार से बच्चे की हड्डियां मजबूत और विकास बेहतर रहेगा।


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