कल लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन विधेयक, विपक्षी दल करेंगे विरोध.

केंद्र की मोदी सरकार कल लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तैयारी कर रही है. इससे पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. सपा अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला है. वहीं, एनडीए की सहयोगी जेडीयू ने भी साफ कह दिया है कि वो वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में स्टैंड लेगी.सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, हम इस बिल के खिलाफ हैं. वक्फ बिल के खिलाफ हैं, क्योंकि बीजेपी हर जगह अपना कंट्रोल चाहती है. ये सरकार हर जगह हस्तक्षेप कर रही है और हर जगह कंट्रोल चाहती है. सपा के राज्यसभा सांसद और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा, देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की योजना बनाई गई. इनका उद्देश्य यही है कि कैसे देश का सद्भाव बिगाड़ दें. लोगों की हत्या की जा रही है. लोगों को मारा जा रहा है. लोगों को पुलिस प्रोटेक्शन में मारा जा रहा है. अगर मुसलमानों में डर है तो जायज है 

वक्फ बिल पर जेडीयू ने बड़ा बयान दिया-

जेडीयू ने कहा कि नीतीश कुमार ने मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है. संसद में हम अपना रुख साफ करेंगे. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन ललन सिंह ने कहा, JDU, नीतीश को विपक्ष के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. विपक्ष को अपने अंदर झांकना चाहिए. कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए क्या किया, वो बताए. नीतीश जी ने मुसलमानों के लिए काम किया है. नीतीश जी ने मुसलमानों के लिए इतना काम किया, जितना किसी शासन ने नहीं किया. 
उन्होंने आगे कहा, नीतीश जी ने दंगा पीड़ित परिवारों को न्याय दिया. कांग्रेस, विपक्ष के लिए धर्मनिरपेक्षता सिर्फ वोट बैंक की पॉलिटिक्स है. लोकसभा का इंतजार करिए. पार्टी का स्टैंड वहां क्लियर होगा.
जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा, नीतीश कुमार 19 साल से बिहार के लिए काम कर रहे हैं.  नीतीश कुमार ने मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है. मुसलमानों के हित के लिए काम किया.. मुसलमानों के साथ कभी गलत नहीं होने दिया गया. हम चाहते हैं कि रेट्रोस्पेक्टिव फॉर्मूला ना हो. जो पास्ट में हो गया, उसको ना छेड़ा जाए.

मस्जिद का यूज आज सियासत के लिए हो रहा-

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, बिल सरकार आम लोगों की बेहतरी के लिए ला रही है. जिससे गरीबों को मदद मिले. लेकिन विपक्षी दल राजनीति कर रहे हैं. मस्जिदों का इस्तेमाल इबादत के लिए हुआ है लेकिन कभी सियासत के लिए नहीं हुआ, वो अब हो रहा है. AIMPLB ने इस बार इबादत की जगह मस्जिदों से ही सियासत करवा दी. ओवैसी, अखिलेश या राहुल क्या बताएंगे कि यह कानून बेहतर होने जा रहा है या बेकार. अगर 428 पेज पढ़ने का वक्त हो तो पढ़ें. मुस्लिमों को बरगलाएं नहीं. विरोध जंतर-मंतर पर किया जाता है या मस्जिदों में? आजादी के बाद पहली बार मस्जिदों का यह दुरुपयोग हुआ. कहीं मस्जिद या ईदगाह नहीं ली जा रही है. हम बिल पर चर्चा करना चाह रहे हैं. बिना बिल आए पहले विरोध करना गलत है. लगातार झूठ बोला जा रहा है. रमजान के महीने में तो ओवैसी या AIMPLB को झूठ नहीं बोलना चाहिए.

इससे पहले कांग्रेस ने वक्फ बिल को संविधान पर हमला बताया था-

कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जहां तक कांग्रेस का प्रश्न है तो हमने पहले ही पांच कारणों की वजह से वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने की स्पष्ट राय जाहिर कर दी है। यह विधेयक संविधान पर सीधा आक्रमण है और उसकी बुनियादी संरचना के बिल्कुल खिलाफ है।
जयराम ने कहा कि केवल कांग्रेस ही नहीं तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद, वामपंथी पार्टियां, द्रमुक समेत विपक्ष की सभी पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। इसलिए हमारा सवाल खुद को सेक्यूलर बताने वाली जेडीयू तथा टीडीपी से है जो संविधान में लिखित सर्वधर्म समभाव में विश्वास करने की बात करते हैं वे वक्फ बिल पर क्या करेंगे?

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