Waqf Amendment Bill ...एक नई शुरूआत , किसको हो रही दिक्कत ?

लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल को पारित किया गया।  जैसे ही बिल पास हुआ, राजनीति की दुनिया में एक हलचल मच गई। करीब 12 घंटों तक गहमा-गहमी चली और रात के 2 बजे वोटिंग हुई, जहां 520 सांसदों ने अपनी राय दी। इनमें से 288 ने बिल के पक्ष में वोट किया, और 232 ने इसका विरोध किया। आज राज्यसभा में भी ये बिल पेश हो रहा है ..  जिसके बाद इस बस राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार होगा ... और फिर यह कानून का रूप ले लेगा... अब सवाल ये है, कि इस बिल के बाद वक्फ संपत्तियों में क्या सचमुच कुछ ऐसा होगा, जो विपक्ष को खौफ में डाल रहा है?

आइए, आपको बताते हैं कि जब ये बिल कानून बन जाएगा, तो वक्फ से जुड़ी दुनिया में क्या बड़े बदलाव होंगे!

 वक्फ संपत्तियों का होगा डिजिटल राज़दार!

कल्पना कीजिए—अब हर वक्फ संपत्ति का रिकॉर्ड सेंट्रल ऑनलाइन डेटाबेस में होगा। मतलब, जो जमीन किसी ने वक्फ के लिए दान की, उसका पूरा हिसाब-किताब ऑनलाइन दिखेगा। डोनर से लेकर उस जमीन से होने वाली आय और उसकी देखरेख करने वाले ‘मुतव्वली’ तक—हर जानकारी सिर्फ एक क्लिक दूर होगी! इससे होगा ये कि वक्फ की संपत्तियों में पारदर्शिता आएगी और सरकार की छिपी हुई जानकारी को उजागर किया जा सकेगा।

गैर-मुस्लिमों की होगी वक्फ बोर्ड में जगह!

अब वो वक्फ बोर्ड में सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि गैर-मुस्लिम भी होंगे! जी हां, ये बिल अब ये सुनिश्चित करेगा कि वक्फ बोर्ड में दो महिलाएं और दो लोग दूसरे धर्म से जुड़ी संस्थाओं के शामिल हों।  मुस्लिम महिलाओं को भी वक्फ बोर्ड में भागीदारी का अधिकार मिलेगा

अब अफसर करेंगे वक्फ विवाद का निपटारा!

यह बदलाव सबसे चौंकाने वाला हो सकता है! अब किसी भी वक्फ संपत्ति से जुड़ा विवाद राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा हल किया जाएगा। इन अफसरों को यह अधिकार होगा कि वे यह तय कर सकें कि संपत्ति वक्फ की है या सरकार की। अब इसके खिलाफ भी अपील की जा सकेगी—सिविल कोर्ट, हाई कोर्ट में! कोई भी वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला 90 दिनों में चुनौती दी जा सकेगा। ये वो खामियां हैं, जो पहले के कानून में नहीं थीं!

महिलाओं को मिलेगा वक्फ संपत्तियों में हिस्सा!

अब जरा सोचिए, अगर किसी परिवार ने वक्फ की जमीन ‘वक्फ-अल-औलाद’ के लिए दान दी, तो सिर्फ पुरुष नहीं, महिलाएं भी इस संपत्ति से होने वाली आय की उत्तराधिकारी होंगी। अब महिला सदस्य भी वक्फ संपत्तियों के हकदार बनेंगे। यह कदम वक्फ की संपत्तियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए है।

वक्फ की संपत्ति का खाता होगा पारदर्शी!

अब वक्फ के खातों का ऑडिट होगा। सरकार के पास अधिकार होगा कि वे वक्फ बोर्ड के सभी वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर सकें। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो। और यह भी, अगर कोई सरकारी संपत्ति पर वक्फ अपना दावा करता है, तो अब उस पर दावा करने के लिए वक्फ बोर्ड को सही दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। बिना कोई सर्वे या कानूनी दस्तावेज़, अब कोई भी वक्फ संपत्ति पर अपना दावा नहीं कर पाएगा!

विवादों का अब होगा डिजिटल समाधान!

अब जो सरकारी संपत्तियां वक्फ ने अपनी बताई हैं, उनके बारे में राज्य सरकार पहले जांच करेगी। अगर कोई दावा गलत पाया गया, तो उस संपत्ति का रिकॉर्ड राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया जाएगा। वक्फ को अब बिना सर्वे या दस्तावेज के कोई भी सरकारी संपत्ति वक्फ की मानने का अधिकार नहीं होगा। और यदि किसी को इस पर दावा करना है तो सरकार को पूरी जांच की जिम्मेदारी दी जाएगी!

इस बिल का जो सबसे बड़ा असर होने वाला है, वह यह है कि वक्फ संपत्तियों में न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि यह कदम वक्फ के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं में सुधार भी लाएगा। विपक्षी नेताओं के विरोध के बावजूद, यह कदम अंततः वक्फ संपत्तियों को सही दिशा में ले जाएगा और भविष्य में एक मजबूत और प्रौद्योगिकीकृत वक्फ प्रणाली का निर्माण करेगा! मगर अफसोस कि इस बदलाव से विपक्ष को बहुत परेशानियां है .. और इसीलिए वो इस वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं . जैसे - सोनिया गांधी ने गुरुवार को कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी  की बैठक में कहा कि

केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में जबरन पारित करवाया है। यह विधेयक संविधान पर एक हमला है। यह हमारे समाज को स्थायी रूप से तोड़ने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

वहीं कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा- 

संसद रात में 2 बजे तक चल कर रही थी, उधर अमेरिका टैरिफ लगा रहा था। देश और विशेष रूप से BJP के मतदाताओं को यह समझना चाहिए कि वक्फ संशोधन विधेयक लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एक प्रायोजित कार्यक्रम था।

इतना ही नहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि  मंत्री बोल रहे हैं कि डिफेंस और रेलवे की जमीन भारत की है। मैं भी यह मानता हूं। क्या डिफेंस और रेलवे की जमीनें नहीं बेची जा रही हैं। वक्फ की जमीन से बड़ा मुद्दा वो जमीन है, जिस पर चीन ने अपने गांव बसा लिए हैं। कोई सवाल न करे इसलिए यह बिल लाया जा रहा है। 

इसके अलावा चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तो हद भी पार की .. उन्होंने भरे सदन में बिल की कॉपी फाड़ी ...और कहा कि - इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं। 

देखा जाए तो चाहे कोई भी इसका विरोध कर लें , मगर वक्फ संशोधन बिल, जैसे ही कानून के रूप में लागू होगा, यह देश की वक्फ संपत्तियों की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाला है। अब न सिर्फ इन संपत्तियों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि हर वर्ग को बराबरी का अधिकार मिलेगा—महिलाओं से लेकर गैर-मुस्लिमों तक। वक्फ बोर्ड में सुधार, संपत्तियों का डिजिटल रिकार्ड, और प्रशासनिक जवाबदेही यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी वक्फ संपत्ति अब धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार या गलतफहमी का शिकार न हो। यह बिल वक्फ को सिर्फ धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि एक सशक्त और पारदर्शी वित्तीय संसाधन में बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव रखेगा।

 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.