संत गाडगे बाबा वो हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन अज्ञान,अंधविश्वास और स्वच्छता के लिए लगा दिया- राजकुमार पडघान

वाशिम : संत गाडगे बाबा की जयंती 26 फरवरी को अजय बहुजन हिताय सार्वजनिक वाचनालय, संतोषी माता नगर, वाशिम में मनाई गई। सबसे पहले मौजूद लोगों ने संत गाडगे बाबा की तस्वीर पर फूल चढ़ाए। बाद में, मुख्य मार्गदर्शक रहे समाजसेवी राजकुमार पडघान ने अपने भाषण में कहा कि संत गाडगे बाबा ने अपना पूरा जीवन अज्ञान, अंधविश्वास और स्वच्छता को मिटाने में लगा दिया। आगे राजकुमार पडघन ने कहा कि संत गाडगे बाबा ने स्कूल में पढ़ाई करने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबों की सेवा को ज़्यादा महत्व दिया।

इतना ही नहीं, भूखे को खाना, प्यासे को पानी, नंगे को कपड़ा, गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए मदद, बीमार को दवा, बेरोज़गार को रोज़गार, भगवान पत्थर में नहीं, बल्कि आपके दिल में है, ऐसा कहते हुए संत गाडगे बाबा अपने कीर्तन में कहते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन अज्ञानता, अंधविश्वास और स्वच्छता को मिटाने में लगा दिया। यह बात राजकुमार पडघन ने संत गाडगे बाबा की जयंती के मौके पर अजय बहुजन हिताय सार्वजनिक वाचनालय में मार्गदर्शन देते हुए कही। इस मौके पर प्रोग्राम की अध्यक्षता लाइब्रेरी के फाउंडिंग सेक्रेटरी समाधान अवचार ने की। माधव डोंगरदिवे, दादाराव इंगोले, विश्वनाथ पडघान, अशोक अडागले, ज्योत्सना अवचार, विशाखा बरडे, आर्यन बरडे, शुभांगी कबाड़े, आर.पी. कांबले, राहुल सोमटकर, कमलबाई पडघान मौजूद थे। वहीं, सोशल वर्कर माधव डोंगराडिव ने भी संत गाडगे बाबा के जीवन पर रोशनी डाली। प्रोग्राम का संचालन राहुल सोमटकर ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अजय अवचार ने दिया।

रिपोर्टर : नागेश अवचार

 

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