जिले को अधिक प्रगत, समृद्ध और आदर्श बनाएं — पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे

वाशिम : जिले के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को एकजुट होकर समन्वय और ठोस कार्रवाई के साथ प्रयास करने की आवश्यकता है। जिले का सर्वांगीण विकास केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में संतुलित प्रगति करते हुए स्थानीय लोगों को अधिक अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। महिला सशक्तिकरण, युवाओं का कौशल विकास, जलसंरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए आगे बढ़ने से वाशिम जिला राज्य में एक प्रगत, समृद्ध और आदर्श जिले के रूप में अपनी अलग पहचान बनाएगा, ऐसा प्रतिपादन राज्य के कृषि मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे ने किया। महाराष्ट्र दिवस के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित शासकीय समारोह में राष्ट्रध्वज फहराया गया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य किरणराव सरनाईक, जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, जिला पुलिस अधीक्षक अनुज तारे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान, अपर जिलाधिकारी ब्रिजेश पाटील, निवासी उपजिलाधिकारी विश्वनाथ घुगे, अपर पुलिस अधीक्षक लता फड तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी नवदीप अग्रवाल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

पालकमंत्री ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के लिए 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का नियोजन किया गया है, जिसमें 3 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन तथा 65 हजार हेक्टेयर में तूर की खेती प्रस्तावित है। किसानों के पास डेढ़ लाख क्विंटल घरेलू बीज उपलब्ध है तथा 78 हजार मीट्रिक टन खाद का आवंटन मंजूर किया गया है। ‘महाविस्तार एआई’ ऐप के माध्यम से किसानों को तकनीकी जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिले ने राज्य में लगातार प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जल्द ही कैथलैब शुरू होने वाला है तथा 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण अस्पताल मालेगांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेडशी तथा कवठल और लोणी अरब उपकेंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। अन्न एवं नागरी आपूर्ति योजनाओं के अंतर्गत 776 राशन दुकानों से 50 हजार अंत्योदय लाभार्थियों को गेहूं, चावल और चीनी वितरित की जा रही है, जबकि 8.35 लाख प्राथमिकता परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत 1 लाख 31 हजार लाभार्थियों को वर्ष में तीन मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र में 16 स्कूलों का पीएम-श्री योजना में समावेश किया गया है। महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से 5 हजार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजना के तहत 1 हजार विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। ऊर्जा क्षेत्र में ‘मागेल त्याला सौर कृषीपंप’ योजना के तहत 5 हजार सौर पंप कार्यान्वित किए गए हैं तथा मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी 2.0 के अंतर्गत 111 मेगावाट क्षमता के 27 प्रकल्प शुरू किए गए हैं, जिससे 37 हजार किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हो रही है।
इस अवसर पर पालकमंत्री ने एल-निनो की पृष्ठभूमि में इस वर्ष औसत के 92 प्रतिशत वर्षा का अनुमान जताया तथा नागरिकों से हीट वेव को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत में पालकमंत्री ने पुलिस परेड का निरीक्षण कर मानवंदना स्वीकार की। इसके बाद स्वतंत्रता सेनानियों और नागरिकों को महाराष्ट्र दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी और संस्थाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से महाबीज द्वारा चार महत्वपूर्ण उत्पाद भी लॉन्च किए गए। इनमें आरवीएसएम सोयाबीन वाण, निमास्त्र निंबोली पाउडर, महा स्पीड विघटक तथा महाबीज कर्बमापक शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन आपत्ती व्यवस्थापन अधिकारी शाहू भगत और नायब तहसीलदार अर्चना घोळवे ने किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

रिपोर्टर - नागेश अवचार

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