पिंपरी मोडक अत्याचार प्रकरण : 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन की चेतावनी
कारंजा (लाड) : पिंपरी मोडक गांव में हुए जातिसूचक गाली-गलौज और अत्याचार प्रकरण में अब तक आरोपियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं होने पर नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की भूमिका के विरोध में शिकायतकर्ता एकनाथ प्रल्हाद गवई ने आंदोलन का इशारा दिया है।
जारी निवेदन में एकनाथ गवई ने कहा है कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे ग्रामस्थों के साथ कारंजा तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना गंभीर होने के बावजूद संबंधित आरोपियों पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार प्रतिबंधक कानून के तहत कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार में भय और नाराजगी का माहौल है।
इस मामले को लेकर गांव में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से तुरंत निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
रिपोर्टर : नागेश अवचार

No Previous Comments found.