अघोषित बिजली कटौती के विरोध में बिजली वितरण कार्यालय में ग्रामीणों का 'सो जाओ' आंदोलन
वाशिम - जिले के मानोरा तहसील में अघोषित और लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार, 18 जुलाई को बिजली वितरण कार्यालय पहुंचकर अनोखा 'झोपा (सो जाओ)' आंदोलन किया। कारखेड गांव के ग्राम पंचायत सदस्य बबन देशमुख के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण कंबल लेकर कार्यालय पहुंचे और वहीं लेटकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले सोमवार से गव्हा स्टेशन अंतर्गत आने वाले गांवों में प्रतिदिन रात 7 बजे से 11 बजे तक जबरन बिजली कटौती की जा रही है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, कम बारिश और भीषण गर्मी के कारण लोग पहले से ही परेशान हैं, ऐसे में रात के समय बिजली कटौती से नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले उपकार्यकारी अभियंता रविंद्र गिरी को ज्ञापन देकर बिजली कटौती बंद करने की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कारखेड, वरोली, सेवादास नगर, तळप बुद्रुक और विठोली सहित आसपास के गांवों के लगभग 500 ग्रामीण मानोरा स्थित बिजली वितरण कार्यालय पहुंचे और 'झोपा आंदोलन' कर शासन का ध्यान आकर्षित किया। आंदोलन में ग्राम पंचायत सदस्य बबन देशमुख, उपसरपंच अनिल काजळे, सेवादास नगर के सरपंच नेमीचंद राठोड, तळप बुद्रुक के संतोष इंगोले, विठोली के आशिष पाटील तथा वरोली के सरपंच आवारे सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए मानोरा पुलिस थाना प्रभारी नैना पोहेकर के नेतृत्व में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया। बिजली विभाग द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। बिजली विभाग का पक्ष:
मानोरा के सहायक अभियंता प्रशिक खाडे ने बताया कि कृषि और गांवठाण फीडर एक साथ होने के कारण गांवों में बिजली कटौती का असर पड़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गांवठाण फीडर को शीघ्र अलग करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस पाटिलों की रही अहम भूमिका
आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए कारखेड के पुलिस पाटिल वासुदेव सोनोने, चिखली के पुलिस पाटिल शामराव राठोड तथा देऊरवाड़ी के पुलिस पाटिल विवेक आडे ने समय रहते पुलिस को सूचना दी। इसके बाद थाना प्रभारी नैना पोहेकर स्वयं मौके पर पहुंचीं और पूरी रात कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहीं।
रिपोर्टर - नागेश अवचार
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