पिता के लिए बेटी बनी जीवनदायिनी, लीवर का हिस्सा दान कर दिया नया जीवन
वाशिम : पिता की जिंदगी बचाने के लिए बेटी ने अपने लीवर का एक हिस्सा दान कर मानवता और त्याग की मिसाल पेश की है। निकीता संजीवकुमार नांदगांवकर ने गंभीर बीमारी से जूझ रहे अपने पिता संजीवकुमार नांदगांवकर के लिए लीवर प्रत्यारोपण हेतु अपने लीवर का एक हिस्सा दान किया। सफल सर्जरी के बाद उनके पिता को नया जीवन मिला है।
संजीवकुमार नांदगांवकर की लीवर की कार्यक्षमता लगातार कम होती जा रही थी। डॉक्टरों ने लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता बताई, जिसके बाद परिवार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। इस कठिन परिस्थिति में बेटी निकीता ने आगे आते हुए पिता को अपना लीवर दान करने का साहसिक निर्णय लिया।
सर्जरी का समय पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक और चिंताजनक था। परिवार के सदस्य पिता और बेटी दोनों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे थे। बेटे ने भी उपचार से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हुए परिवार को हिम्मत दी।
आखिरकार लीवर ट्रांसप्लांट की सर्जरी सफल रही। निकीता द्वारा दान किए गए लीवर के हिस्से से संजीवकुमार को नया जीवन मिला। उनकी तबीयत में सुधार होने के बाद परिवार में फिर से खुशी का माहौल है।
निकीता के इस साहसिक निर्णय ने न केवल पिता-पुत्री के प्रेम और त्याग की मिसाल कायम की, बल्कि अंगदान को लेकर समाज में जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है। उचित चिकित्सकीय प्रक्रिया और मार्गदर्शन के तहत अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।
इस कठिन समय में रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों की शुभकामनाओं और प्रार्थनाओं ने भी परिवार का हौसला बढ़ाया। सर्जरी सफल होने के बाद नांदगांवकर परिवार ने सभी सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पिता के लिए अपने शरीर का एक हिस्सा दान करने वाली निकीता नांदगांवकर का यह साहस और त्याग समाज के लिए निश्चित रूप से प्रेरणादायी है।
— संकलन : अनिल कुरकुटे, जिला सूचना कार्यालय, वाशिम
रिपोर्टर : नागेश अवचार
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