सूखे के बीच महिला बचत समूहों से कर्ज वसूली तुरंत रोकने की मांग, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
वाशिम - महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के चलते आर्थिक संकट से जूझ रही महिला बचत समूहों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों और ग्राम संघों के कर्ज की किस्तें चुकाना महिलाओं के लिए मुश्किल हो गया है। ऐसे में कर्ज वसूली के लिए दबाव डाले जाने की शिकायतों के बीच वंचित बहुजन आघाड़ी ने महिलाओं को राहत देने की मांग की है।
ग्राम मुरंबी की महिला बचत समूहों की महिलाओं ने एकजुट होकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सूखे की स्थिति को देखते हुए कर्ज की किस्तों में राहत देने और कर्ज वसूली के नाम पर कथित दबाव व परेशानी को रोकने की मांग की गई।
वंचित बहुजन आघाड़ी के जिला सचिव उस्मान भाई गारवे के मार्गदर्शन में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर उस्मान गारवे, सुजित भगत, शेषराव मेश्राम, देवराव कटके सहित अन्य कार्यकर्ता और महिला बचत समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।
रिपोर्टर - नागेश अवचार

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