भारत के मौसम पर अल नीनो का असर: बारिश के बाद सूखे की संभावना
भारत में अप्रैल के आगमन के साथ ही गर्मी का असर आमतौर पर महसूस होने लगता है, लेकिन इस साल मौसम की स्थिति काफी बदलती हुई नजर आ रही है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते कई राज्यों में इस महीने तेज़ आंधी-तूफान देखने को मिले। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान सामान्य स्तर से नीचे बना हुआ है।

इसी बीच, निजी मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अल नीनो की सक्रियता के चलते इस साल मॉनसून की बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। स्काईमेट ने मंगलवार को अनुमान जताया कि जून में शुरू होने वाला मॉनसून और उसके अगले चरण (अगस्त-सितंबर) में अल नीनो का प्रभाव अधिक स्पष्ट होगा।

यदि यह भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो पहले से ही फर्टिलाइजर संकट और बदलते मौसम से जूझ रहे किसानों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। देश की आधी से अधिक खेती मॉनसून पर निर्भर है, इसलिए कम बारिश का असर सीधे कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा।


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