क्या 2026 में करनी है शादी ? ये तारीखें भूल गए तो 4 महीने करना पड़ेगा इंतजार....

2026 के जून और जुलाई महीने में विवाह के शुभ अवसर सीमित अवधि के लिए ही उपलब्ध रहेंगे, क्योंकि इस समय अधिकमास के समापन के बाद ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है और फिर आगे चलकर चातुर्मास का प्रभाव लागू हो जाता है। पंचांग के अनुसार 15 जून 2026 को अधिकमास (मलमास) समाप्त माना जाएगा, जिसके बाद 16 जून से ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा और शुभ कार्यों की अनुमति फिर से मिलने लगेगी। इसके बाद विवाह के लिए कुछ ही दिन ऐसे रहेंगे जब मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे, क्योंकि 25 जुलाई के बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा और विवाह जैसे शुभ कार्यों पर अस्थायी विराम लग जाएगा।

2026 विवाह सीजन की शुरुआत

अधिकमास समाप्त होने के बाद 21 जून 2026 से विवाह के शुभ अवसरों की शुरुआत होगी। यह अवधि जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के पहले भाग तक सीमित रहेगी, जिसमें कुछ निश्चित दिन ही विवाह के लिए उपयुक्त माने जाएंगे। इस समय को विवाह सीजन का संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

सीमित विवाह अवसरों का कारण

इस वर्ष विवाह के मुहूर्त कम होने का प्रमुख कारण अधिकमास का प्रभाव और उसके तुरंत बाद आने वाला चातुर्मास है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में मांगलिक कार्यों को सीमित रखा जाता है, जिससे विवाह के लिए उपलब्ध दिन कम हो जाते हैं।

चातुर्मास और विवाह पर विराम

25 जुलाई 2026 से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इस अवधि में धार्मिक परंपराओं के अनुसार शुभ कार्यों, विशेषकर विवाह, पर रोक मानी जाती है। चातुर्मास के दौरान लगभग चार महीनों तक विवाह समारोह आयोजित नहीं किए जाते और फिर इसके बाद ही अगले विवाह मुहूर्त शुरू होते हैं।

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