पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे चरण के मतदान में हिंसा, कई इलाकों से झड़प और तोड़फोड़ की खबरें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले और मतदान के दौरान कई इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। नादिया जिले में भाजपा के बूथ एजेंट मुशर्रफ मीर पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उसके सिर पर गंभीर चोट आई। उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा प्रत्याशी सैकत सरकार ने आरोप लगाया कि मॉक पोल शुरू होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने एजेंट को रोका और लाठी, रॉड व बंदूक की बट से हमला किया। हालांकि, टीएमसी ने इन आरोपों से इनकार किया है।

राज्य के चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ सहित कई क्षेत्रों से झड़प और तोड़फोड़ की शिकायतें मिलीं। शांतिपुर के वार्ड 16 में भाजपा के कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ कर फर्नीचर तोड़ दिया गया। भांगड़ (दक्षिण 24 परगना) में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश से रोके जाने का आरोप लगा। आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया कि एजेंटों के फॉर्म छीने जा रहे हैं और कुछ जगहों पर महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा।

निमतला के बूथ नंबर 140 पर सुबह 7:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हो पाया, जिससे मतदाताओं में नाराजगी देखी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इन घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को निष्पक्ष व भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया और कहा कि रातभर की कार्रवाई में टीएमसी के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया। उनके भाई कार्तिक बनर्जी को भी एक मतदान केंद्र के पास भीड़ इकट्ठा करने पर पुलिस ने चेतावनी दी, क्योंकि वहां चार से अधिक लोगों के जुटने की अनुमति नहीं थी।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायमंड हार्बर और फाल्टा सहित कई संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। दक्षिण 24 परगना में उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा भी गश्त करते नजर आए। अधिकारियों का कहना है कि मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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