मुर्शिदाबाद में ममता की हुंकार, "EVM पर रखें 24 घंटे नजर, बीजेपी से डरना मत!"

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन उससे पहले 'वोटों की मशीन' यानी EVM पर महायुद्ध शुरू हो गया है। मुर्शिदाबाद की धरती से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर सीधा निशाना साधते हुए अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को 'मिशन सतर्क' पर रहने को कहा है। दीदी का दावा है कि मशीन खराब होना महज इत्तेफाक नहीं बल्कि एक बड़ी 'प्लानिंग' हो सकती है। आखिर क्यों ममता को केंद्रीय बलों पर भी भरोसा नहीं है? और कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने ममता को ही बीजेपी का 'मददगार' क्यों बताया? देखिए इस सियासी दंगल की पूरी पड़ताल!

मुर्शिदाबाद में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने EVM की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कई बड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान, भाषा और अस्तित्व की रक्षा का है।

ममता बनर्जी के संबोधन की 3 बड़ी बातें:

मशीन चेक करें: "EVM के हर बटन को दबाकर देखें कि वोट सही जगह जा रहा है या नहीं। अगर मशीन खराब मिले, तो उसे रिपेयर कराने का इंतजार न करें, बल्कि नई मशीन मंगवाने की जिद करें।"

निजी स्वार्थ छोड़ें: "बूथ एजेंट बीजेपी के सामने बिकें नहीं। जो एजेंट बनेंगे, वे अपने फायदे के लिए नहीं बल्कि बंगाल के हित में काम करें।"

24 घंटे पहरा: "मतदान खत्म होने के बाद भी चैन से न बैठें। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर 24 घंटे निगरानी रखें। रात में मशीनों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।"

ममता बनर्जी ने मतदाताओं से अपील की कि वे VVPAT पर्ची को ध्यान से देखें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी में भी मशीन के साथ हेरफेर की कोशिश हो सकती है। दीदी ने साफ कहा कि अगर वोट डालने के लिए थोड़ा इंतजार भी करना पड़े तो पीछे न हटें, क्योंकि एक-एक वोट कीमती है। इस बीच, मुर्शिदाबाद में ही कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा: "आज बंगाल में बीजेपी अगर इतनी मजबूत दिख रही है, तो उसकी असली वजह ममता बनर्जी की राजनीति है। उन्होंने ही बीजेपी के लिए रास्ता बनाया। जब तक ममता राजनीति में हैं, वे कभी बीजेपी से दूर नहीं रह सकतीं।" अधीर रंजन ने यह भी साफ किया कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच कोई सांठगांठ नहीं है, और वे ममता की 'डबल गेम' की राजनीति का पर्दाफाश करते रहेंगे।

वोटिंग के चरण: दो चरणों में मतदान (23 अप्रैल और 29 अप्रैल)।
काउंटिंग: 4 मई 2026 को नतीजे आएंगे।
मुख्य मुद्दा: EVM की पारदर्शिता, भ्रष्टाचार और पहचान की राजनीति।
त्रिकोणीय मुकाबला: TMC, BJP और कांग्रेस-वामदल गठबंधन के बीच जबरदस्त टक्कर।

बंगाल की राजनीति में EVM का जिन्न एक बार फिर बाहर आ चुका है। ममता बनर्जी का डर वाजिब है या यह हार की आशंका से पहले की गई घेराबंदी? दूसरी ओर, अधीर रंजन का हमला गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह ध्वस्त कर रहा है। जैसे-जैसे 23 अप्रैल की तारीख नजदीक आ रही है, बंगाल का ये 'खेला' और भी दिलचस्प होता जा रहा है।

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