बीजेपी का 'भरोसा पत्र' या चुनावी ब्रह्मास्त्र? अमित शाह ने फूंका बंगाल विजय का शंखनाद!
बंगाल की राजनीति इस वक्त उफान पर है और कोलकाता की धरती से आज एक ऐसा चुनावी विस्फोट हुआ है जिसकी गूँज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। जी हां पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के महाकुंभ में भारतीय जनता पार्टी ने अपना सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कोलकाता के एक भव्य कार्यक्रम में बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे नाम दिया गया है....'भरोसा पत्र'। यह सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि ममता दीदी के किले को ढहाने के लिए तैयार किया गया एक 'चुनावी ब्रह्मास्त्र' है। शाह ने हुंकार भरते हुए साफ कर दिया है कि अब परिवर्तन होकर रहेगा। युवाओं के लिए जेब खर्च, महिलाओं के लिए नकद और घुसपैठियों के लिए 'नो एंट्री'...बीजेपी ने इस संकल्प पत्र में बंगाल की जनता के लिए पिटारा खोल दिया है।
आपको बता दें बीजेपी ने बंगाल की मातृशक्ति को साधने के लिए खजाना खोल दिया है। अमित शाह ने वादा किया है कि बीजेपी सरकार बनते ही हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच राज्य की हर माता के खाते में 3,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। इतना ही नहीं, सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का ऐतिहासिक ऐलान किया गया है। 75 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने और उनकी सुरक्षा के लिए दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड और दो विशेष बटालियन बनाने का भी वादा किया गया है। महिलाओं के लिए बस यात्रा पूरी तरह मुफ्त होगी। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि हम ऐसा बंगाल बनाएंगे जहाँ सीएम को ये न पूछना पड़े कि रात को बाहर निकलने की जरूरत क्या है।
वहीं बेरोजगारी के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरते हुए शाह ने घोषणा की कि बीजेपी एक करोड़ स्वरोजगार और रोजगार के अवसर पैदा करेगी। जो युवा बेरोजगार हैं, उन्हें 3,000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा। बंगाल के युवाओं को 'उद्योग साहसी' बनाने के लिए विशेष मदद दी जाएगी। अमित शाह ने सबसे कड़ा प्रहार घुसपैठ के मुद्दे पर किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीजेपी की सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी। सीमाओं को पूरी तरह सील किया जाएगा ताकि परिंदा भी पर न मार सके और एक भी गौ-माता की तस्करी न हो सके। सबसे बड़ा धमाका यह कि सरकार बनने के 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया गया है। राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर यह है कि बीजेपी ने सरकार बनने के महज 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू करने का संकल्प लिया है।
साथ ही, वर्षों से लंबित डीए का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी भारी बढ़ोतरी की जाएगी। अमित शाह ने कहा कि सत्ता में आते ही पहले 100 दिनों में औद्योगिक विकास का रोडमैप तैयार होगा। उत्तर बंगाल के विकास और दार्जिलिंग की चाय को ग्लोबल ब्रांड बनाने पर जोर दिया जाएगा। 'ग्रेटर कोलकाता' का निर्माण और 'वंदे मातरम म्यूजियम' बनाकर बंगाल की संस्कृति को दुनिया भर में फैलाया जाएगा। आपको बता दें बीजेपी ने ममता बनर्जी के 15 साल के शासन पर 'श्वेतपत्र' लाने का ऐलान किया है। शाह ने वादा किया कि भ्रष्टाचार और माफिया राज को खत्म करने के लिए एक समयबद्ध रोडमैप जनता के सामने रखा जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए रिटायर महिला जज की अध्यक्षता में सुनवाई की व्यवस्था होगी।
ऐसे में कहा जा सकता है कि अमित शाह का यह 'भरोसा पत्र' सीधे तौर पर ममता बनर्जी के मूनशॉट को चुनौती दे रहा है। शाह ने साफ लहजे में कहा कि जनता ने जिस आशा के साथ दीदी को चुना था, उन्होंने उस भरोसे को तोड़ दिया है, लेकिन बीजेपी सोनार बांग्ला के निर्माण का भरोसा दे रही है। आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने से लेकर सीमाओं पर बाड़ लगाने तक, बीजेपी ने बंगाल की हर दुखती रग पर हाथ रख दिया है। अब देखना यह है कि बंगाल की जनता इस भरोसे की डोर थामती है या दीदी का खेला एक बार फिर भारी पड़ता है।


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