बंगाल में मोदी ने झारग्राम की महिलाओं को खिलाई झालमुड़ी, ममता सरकार पर बोला बड़ा हमला
पश्चिम बंगाल की तपती गर्मी और चुनावी रैलियों के भारी शोर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। हाथ में अखबार का ठोंगा, माथे पर तिलक और जुबां पर बंगाल का स्वाद, पीएम मोदी ने झारग्राम में रैलियों की व्यस्तता के बीच झालमुड़ी का आनंद लिया। लेकिन इस स्वाद के पीछे एक बड़ा सियासी संदेश भी छिपा था। क्या है मोदी का 'मिशन बंगाल' और क्यों उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान खतरे में है? देखिए इस खास रिपोर्ट में...
रविवार को बंगाल में चार बड़ी रैलियों को संबोधित करने के दौरान पीएम मोदी पूरी तरह से बंगाली रंग में रंगे नजर आए। कुर्ते पर लाल स्टोल डाले मोदी झारग्राम में एक झालमुड़ी की दुकान पर रुके। पीएम ने न सिर्फ खुद झालमुड़ी खाई, बल्कि अपने ठोंगे से निकालकर वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों को भी खिलाई। उन्होंने खुद 'X' पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि व्यस्त दिन के बीच झालमुड़ी का स्वाद लेना सुखद रहा। स्वाद के साथ-साथ पीएम के तेवर भी काफी तल्ख रहे। आदिवासी बहुल झारग्राम में उन्होंने ममता सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला: मोदी ने कहा कि आज बंगाल के लोग अपनी भाषा, धर्म और रीति-रिवाजों को खोने से डर रहे हैं।
पीएम ने दावा किया कि TMC अब केवल घुसपैठियों के लिए सरकार चलाना चाहती है, जो बंगाल के असली हकदारों के अधिकारों को छीन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने टीएमसी के सांसदों और विधायकों पर अपनी जेबें भरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में घर बनाने से लेकर हर छोटे काम के लिए 'सिंडिकेट' और 'जबरन वसूली' की व्यवस्था चल रही है, जिससे आम जनता त्रस्त है।
मोदी की झालमुड़ी वाली इन तस्वीरों ने विपक्ष को सोच में डाल दिया है। क्या जमीन से जुड़ने का यह अंदाज़ बीजेपी को बंगाल की सत्ता के करीब ले जाएगा? और क्या घुसपैठियों वाला पीएम का वार बंगाल की जनता के दिलों में घर कर पाएगा? चुनाव के नतीजे ही इसका जवाब देंगे।

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