एग्जिट पोल की सुनामी: बीजेपी 161 पार? सट्टा बाजार से लेकर सर्वे तक 'सोनार बांग्ला' की आहट!
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर महीनों से चल रहा सियासी महाकुंभ बीते दिन खत्म हो गया। लोकतंत्र के इस सबसे बड़े उत्सव के आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होते ही अब सबकी नजरें टिकी हैं 'एग्जिट पोल 2026' के आंकड़ों पर। जी हां बंगाल की खाड़ी से उठा सियासी ज्वार अब ईवीएम में कैद है, जिसका आधिकारिक फैसला 4 मई को आएगा। लेकिन उससे पहले दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक सर्वे यानी एग्जिट पोल्स ने बंगाल की राजनीति में सुनामी ला दी है। चुनावी पंडितों से लेकर सट्टा बाजार तक, हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है कि क्या इस बार खेला भाजपा ने कर दिया है? आइए जानते हैं।
दरअसल, विभिन्न दिग्गज सर्वे एजेंसियों जैसे मैट्राइज़, वोटवाइब और चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ के आंकड़े सामने आते ही टीएमसी के खेमे में खलबली मच गई है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 148 है, और एग्जिट पोल के नतीजे कुछ इस तरह इशारा कर रहे हैं।
मैट्राइज़ का अनुमान: भाजपा को 146 से 161 सीटें मिलने की उम्मीद है।
चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ का दावा है कि भाजपा 150-160 सीटों के साथ सत्ता पर काबिज होगी, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 130-140 सीटों पर सिमट सकती है।
वोटवाइब: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गठबंधन 125 से 140 सीटों के बीच संघर्ष करता दिख रहा है।
यानी भाजपा न केवल सबसे बड़ी पार्टी बन रही है, बल्कि अपने दम पर सरकार बनाने की दहलीज पर खड़ी है। आंकड़े बताते हैं कि इस बार लड़ाई सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि जनाधार की भी है। वोट प्रतिशत के मामले में भी भाजपा ने दीदी को पछाड़ दिया है।
भाजपा: 42.5% वोट शेयर
टीएमसी: 40.8% वोट शेयर
लेकिन आपको याद दिला दें कि 2021 के चुनाव में भी अधिकांश एग्जिट पोल्स ने भाजपा की बढ़त दिखाई थी, लेकिन जब नतीजे आए तो ममता बनर्जी ने हैट्रिक लगाकर सबको चौंका दिया था। ऐसे में सवाल है कि क्या 2026 में इतिहास खुद को दोहराएगा या भाजपा वाकई सोनार बांग्ला के अपने वादे के साथ सत्ता के सिंहासन पर बैठेगी? वहीं दूसरी तरफ सटीक भविष्यवाणियों के लिए मशहूर इंदौर का सट्टा बाजार भी इस बार बंगाल चुनाव पर मेहरबान है। सटोरियों के मुताबिक, बंगाल में भाजपा की सरकार बन रही है और ममता सरकार की रवानगी तय है। सट्टा बाजार भाजपा को 145 से 161 सीटें दे रहा है। दिलचस्प बात यह है कि सटोरियों का मानना है कि भाजपा 148 तो पार करेगी, लेकिन 151 तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इंदौर के सराफा बाजार की मानें तो इस बार दांव बदलाव पर लगा है। वहीं इन एग्जिट पोल्स पर टीएमसी के कद्दावर नेता मदन मित्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि शुभेंदु अधिकारी को इस बार नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों जगह से करारी हार मिलेगी। मित्रा ने दावा किया कि ममता बनर्जी 200 से अधिक सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेंगी। उन्होंने एग्जिट पोल्स को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें केवल मनोरंजन करार दिया। आपको बता दें इस बार चुनाव में रैलियों और पदयात्राओं का जो सैलाब दिखा, उसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। भीषण गर्मी और 44 डिग्री के तापमान में भी नेताओं ने पसीना बहाया।
ममता बनर्जी ने बंगाल की बेटी बनकर 65-70 रैलियां और पदयात्राएं कीं।
रोड शो के चाणक्य अमित शाह ने 25-30 बड़े कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
पीएम मोदी ने 18-20 विशाल जनसभाओं के जरिए डबल इंजन सरकार का मंत्र दिया।
कुल मिलाकर देखा जाए तो बंगाल की गलियों से लेकर पहाड़ों तक, इस बार बदलाव की बयार है या दीदी का जादू बरकरार है, इसका अंतिम फैसला 4 मई को होगा। फिलहाल एग्जिट पोल्स ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बना दिया है, तो वहीं टीएमसी साइलेंट वोटर के भरोसे अपनी जीत का दावा कर रही है। 4 मई की सुबह जब ईवीएम खुलेगी, तब पता चलेगा कि बंगाल का असली किंग कौन है!


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