किसके सर सजेगा राजस्थान के मुख्यमंत्री का ताज,ससपेंस अभी भी बरकरार

भाजपा को राजस्थान में चुनाव जीते हुए एक हफ्ते हो गये लेकिन अभी भी यह निर्धारित नहीं कर पाई है कि आखिर राजस्थान की कमान किसके हाथ में देना सही होगा .इस लिए सभी की नज़रे राजस्थान पर टिकी हुई है .क्योंकि राजस्थान का सीएम कौन होगा यह अब तक तय नहीं हो पाया है। वहीं वसुंधरा राजे अपने समर्थक विधायकों के साथ मुलाकात कर लगातार अपनी ताकत दिखाने का काम कर रहीं है। तो दूसरी तरफ महंत बाबा बालकनाथ को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उनके समर्थक के साथ अन्य राज्यों के लोग भी सोशल मिडिया पर मुहिम चला रहे है .और सोमवार को होने वाली विधायक दल की बैठक भी टल गई है। अब यह मंगलवार को हो सकती है।जिससे राजस्थान की जनता और लोगों को राजस्थान के मुख्यमंत्री को देखने के लिए अब और अधिक इंतज़ार करना पड़ेगा.
वसुंधरा मुख्यमंत्री बनाने के लिए लगा रहीं एड़ी चोटी का जोर
इधर, राजस्थान के सियासी गलियारे के माहौल पर अगर नजर डाले तो पूर्व सीम वसुंधरा राजे एक बार फिर जोरदार शक्ति प्रदर्शन करतीं हुई देती नजर आ रही हैं।वहीं रविवार सुबह दिल्ली से लौटने के बाद राजे जयपुर स्थित अपने आवास पर पहुंची। और दोपहर के बाद से ही भाजपा विधायकों का राजे से मिलने का सिलसिला जारी हो गया .सभी विधायक उनसे मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंच गए। इसके अलावा पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व विधायक पूर्व मंत्री देवी सिंह और प्रहलाद गुंजल ने भी राजे से मुलाकात की है । इस तरह राजे से लगातर विधायक दल की बैठक से पहले हो रही इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
क्यों टाली गई विधायक दल की बैठक ?
विधायक दल की बैठक टालने की कोई एक वजह नहीं है क्योंकि सोमवार को अगर बैठक आयोजित की जाती तो बैठक में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु शामिल नहीं हो पाती क्योंकि सोमवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु लखनऊ में रहेंगी ऐसे में बैठक को टालना जरूरी हो गया और चूँकि राजनाथ सिंह लखनऊ के सांसद है तो वो भी राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल रहेंगे .तो वो भी विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे .लेकिन यही मुख्य वजह नहीं है क्योंकि अभी तक भाजपा ने यह निर्धारित नहीं कर पाया है कि कौन राजस्थान ने मुख्यमंत्री के लिए एकदम परफेक्ट है .कहीं ना कहीं यह वजह भी कि जसी कारण बैठक को टालना पड़ा .
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