मीठा खाने की Craving? ये हैं इसके 5 बड़े कारण

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ लोग बार-बार मीठा खाने की इच्छा महसूस करते हैं, जबकि दूसरों को इतनी भूख नहीं होती? यह केवल “शौक” या “स्वाद पसंद” नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल कारण हो सकते हैं।

1. ब्लड शुगर लेवल का असर

हमारा शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज (शुगर) पर निर्भर करता है।
जब ब्लड शुगर अचानक गिरता है, तो दिमाग को तुरंत ऊर्जा की जरूरत महसूस होती है।
इसका समाधान अक्सर मीठा खाना होता है क्योंकि शुगर जल्दी ऊर्जा देती है।

उदाहरण:

यदि आप लंच में हल्का खाना खाते हैं और दोपहर में भूख लगती है, तो अक्सर आपका शरीर चॉकलेट, केक या मिठाई मांगता है।

2. हार्मोनल असंतुलन

कुछ हार्मोन भी मीठे की craving बढ़ा सकते हैं:
इन्सुलिन: ज्यादा मीठा खाने से इन्सुलिन बढ़ता है, और ब्लड शुगर के स्तर में अचानक उतार-चढ़ाव आता है।
सेरोटोनिन: यह “खुशी का हार्मोन” है। तनाव या उदासी में शरीर इसे बढ़ाने के लिए मीठा चाहता है।
लेप्टिन और घ्रेलिन: ये भूख और तृप्ति नियंत्रित करते हैं। असंतुलन होने पर बार-बार स्नैक या मिठाई खाने की इच्छा होती है।

3. मानसिक और भावनात्मक कारण

तनाव और चिंता: मिठाई खाने से तुरंत राहत और खुशी मिलती है।
रूटीन और आदतें: बचपन में मीठा ज्यादा खाने की आदत बड़े होने पर भी बार-बार craving पैदा कर सकती है।
पुरस्कार और खुशी: हर खुशी के मौके पर मीठा खाने की आदत भी लंबे समय तक cravings बढ़ा सकती है।

4. पोषण की कमी

कभी-कभी शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी मीठे की इच्छा बढ़ाती है:
मैग्नीशियम की कमी → चॉकलेट की craving
क्रोमियम की कमी → मीठे का मन करना
आयरन की कमी → ऊर्जा की कमी और मीठा खाने की इच्छा

5. कैसे कम करें बार-बार मीठा खाने की इच्छा?

संतुलित आहार: प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल करें।
ब्लड शुगर कंट्रोल: छोटे और हेल्दी स्नैक्स लें ताकि ब्लड शुगर अचानक न गिरे।
हाइड्रेशन: अक्सर शरीर पानी की कमी को भूख समझता है।
तनाव कम करें: योग, मेडिटेशन या हल्की एक्सरसाइज करें।
स्वीट का हेल्दी विकल्प: फल, ड्राई फ्रूट्स या डार्क चॉकलेट चुनें।

मीठा खाने की बार-बार इच्छा केवल शौक नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर और दिमाग का संकेत होता है। इसे समझकर संतुलित आहार और जीवनशैली अपनाना ज़रूरी है, ताकि स्वास्थ्य भी ठीक रहे और cravings भी नियंत्रित हों।

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