ठंड में ज्यादा चाय-कॉफी पीना क्यों बिगाड़ सकता है नींद? एक्सपर्ट से जानें

सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए ज़्यादातर लोग चाय और कॉफी का सेवन बढ़ा देते हैं। सुबह से लेकर रात तक बार-बार इन गर्म पेयों को पीना इस मौसम में आम बात है। इससे कुछ समय के लिए ताजगी और ऊर्जा तो महसूस होती है, लेकिन इसका असर नींद की दिनचर्या पर पड़ सकता है। कई लोगों को सर्दियों के दौरान देर से नींद आने या बार-बार नींद खुलने की समस्या होने लगती है। इसके पीछे सिर्फ ठंड या रूटीन में बदलाव ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की आदतें भी एक अहम वजह हो सकती हैं।

चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन शरीर की प्राकृतिक घड़ी को प्रभावित कर सकता है, जिससे सोने और जागने का समय बिगड़ने लगता है. आइए जानते हैं कि ठंड में ज्यादा चाय-कॉफी पीना नींद के शेड्यूल को कैसे प्रभावित करता है और इससे जुड़ी कौन-सी समस्याएं हो सकती हैं.

ठंड में ज्यादा चाय-कॉफी पीना क्यों बिगाड़ सकता है नींद का शेड्यूल?

सर्दियों के मौसम में दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं, ऐसे में शरीर स्वाभाविक रूप से ज्यादा आराम चाहता है। लेकिन अगर देर शाम या रात के समय चाय-कॉफी पीने की आदत हो, तो नींद आने में दिक्कत हो सकती है। बार-बार गर्म पेय का सेवन दिमाग को लगातार सक्रिय बनाए रखता है, जिससे शरीर को यह समझ नहीं आ पाता कि अब सोने और आराम करने का वक्त हो चुका है।

इसका नतीजा यह होता है कि व्यक्ति देर रात तक जागता रहता है या बिस्तर पर लेटने के बाद भी उसे नींद नहीं आती। धीरे-धीरे यह आदत सोने और जागने की पूरी दिनचर्या को बिगाड़ देती है। सुबह समय पर नींद पूरी न होने से दिनभर सुस्ती और थकान बनी रहती है, और उसी थकान को दूर करने के लिए फिर से चाय या कॉफी का सहारा लिया जाता है। इस तरह नींद का पूरा रूटीन धीरे-धीरे गड़बड़ा जाता है।

नींद से जुड़ी क्या समस्याएं हो सकती हैं?

सर्दियों के मौसम में जरूरत से ज्यादा चाय या कॉफी पीना नींद की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसकी वजह से नींद न आना, बार-बार नींद खुलना या बहुत हल्की नींद आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। जब नींद पूरी नहीं होती, तो सुबह उठते समय सिर भारी लग सकता है, चिड़चिड़ापन महसूस होता है और ध्यान केंद्रित करने में भी कठिनाई आती है।

अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो शरीर में लगातार थकान रहने लगती है, काम करने की क्षमता प्रभावित होती है और तनाव का स्तर भी बढ़ सकता है। कुछ लोगों को रात के समय बेचैनी या घबराहट महसूस होती है, जिससे नींद और ज्यादा खराब हो जाती है। नींद की कमी का असर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर भी पड़ता है, जो सर्दियों के दौरान सेहत के लिहाज से ठीक नहीं माना जाता।

कैसे करें बचाव?

शाम के बाद चाय और कॉफी का सेवन कम करें।

रात को हर्बल चाय या गुनगुना दूध पीने को प्राथमिकता दें।

सोने और जागने का एक नियमित समय तय करें और रोज़ उसी समय बिस्तर पर जाएँ।

सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं।

दिन में पर्याप्त धूप लें और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि करें।

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