कुछ लोगों को ठंड में गर्मी और गर्मी में ठंड क्यों लगती है?
हम सभी ने कभी न कभी अनुभव किया है कि सर्दी में कुछ लोग हमेशा गर्म महसूस करते हैं, जबकि कुछ को बहुत ठंड लगती है। इसी तरह, गर्मियों में कुछ लोग पसीने-पसीने होकर भी ठंड महसूस करते हैं। यह सिर्फ भावना या आदत का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे हमारे शरीर की भौतिक और जैविक प्रक्रियाएँ काम करती हैं।
1. मेटाबॉलिज्म और शरीर की गर्मी
हमारा शरीर खाने-पीने से ऊर्जा (कैलोरी) पैदा करता है। इसे मेटाबॉलिज्म कहते हैं। जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म तेज़ होता है, उनका शरीर अधिक ऊर्जा और गर्मी पैदा करता है। इसलिए उन्हें सर्दियों में गर्मी महसूस होती है। वहीं जिनका मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, वे ठंड जल्दी महसूस करते हैं।
2. रक्त संचार और त्वचा का तापमान
रक्त संचार (blood circulation) भी इस मामले में बड़ा रोल निभाता है।
अच्छे रक्त प्रवाह वाले लोगों की त्वचा गर्म रहती है और वे सर्दियों में ठंड को कम महसूस करते हैं।
खराब रक्त संचार वाले लोग सर्दियों में हाथ-पैर जल्दी ठंडे महसूस करते हैं।
गर्मियों में अगर रक्त का प्रवाह त्वचा पर कम होता है, तो शरीर ठंड महसूस कर सकता है, क्योंकि गर्म हवा का असर कम होता है।
3. शरीर में वसा की मात्रा
शरीर की वसा (fat) भी इन्सुलेशन का काम करती है। जो लोग पतले हैं, उनमें शरीर की गर्मी जल्दी बाहर निकल जाती है, इसलिए ठंड ज्यादा लगती है। वहीं अधिक वसा वाले लोग सर्दियों में गर्म महसूस करते हैं।
4. हार्मोन और थायरॉयड
हार्मोन भी तापमान संवेदनाओं को प्रभावित करते हैं।
थायरॉयड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।
थायरॉयड कम होने पर मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे ठंड जल्दी लगती है।
हार्मोन असंतुलन या तनाव भी गर्मी और ठंड की संवेदनाओं को बदल सकता है।
5. व्यक्तिगत आदतें और मानसिक स्थिति
हमारी मानसिक स्थिति और आदतें भी इस अनुभव को प्रभावित करती हैं।
तनाव और चिंता के समय शरीर में रक्त संचार बदल जाता है, जिससे ठंड या गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है।
खान-पान और पानी की मात्रा भी शरीर के तापमान को प्रभावित करती है।
ठंड में गर्मी या गर्मी में ठंड लगना एक सामान्य शारीरिक अनुभव है, जो मेटाबॉलिज्म, रक्त संचार, वसा स्तर, हार्मोन और मानसिक स्थिति से प्रभावित होता है। अगर आपको अत्यधिक ठंड या गर्मी लगातार लगती है, तो यह किसी हार्मोनल या रक्त संचार संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
सुझाव:
सर्दी में गर्म कपड़े पहनें और संतुलित आहार लें।
गर्मियों में हल्के कपड़े और पर्याप्त पानी लें।
नियमित व्यायाम और स्वास्थ्य जांच से शरीर की संवेदनशीलता को नियंत्रित किया जा सकता है।

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