अखिलेश के PDA फॉर्मुले पर क्या भारी पड़ेगा भाजपा का WY फैक्टर...

बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की रणनीति ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि महिला और युवा केंद्रित (W-Y) पॉलिटिक्स का असर चुनावी नतीजों पर कितना गहरा हो सकता है। बिहार में महिला-हितैषी योजनाओं और युवाओं को साधने की रणनीति ने पारंपरिक जातीय समीकरणों को झुका दिया और मतदान प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा दी। नीतीश कुमार सरकार की योजनाओं का प्रभाव चुनाव में साफ दिखाई दिया, जहां महिलाओं ने लंबी कतारों में वोट डालकर निर्णायक भूमिका निभाई। अब इसी मॉडल को देखते हुए बीजेपी पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में अपने फोकस को तेज कर रही है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार इस चुनावी साल में महिला और युवा केंद्रित नीतियों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना बना रही है। बजट 2026 में विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के हितों पर जोर दिया जा सकता है, जिसमें रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए युवाओं को साधने का प्रयास होगा। बिहार में महिलाओं के लिए 10 हजार रुपये स्वरोजगार योजना की सफलता को देखते हुए यूपी में भी ऐसी पहल की संभावना है। इससे युवाओं और महिलाओं के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी और बीजेपी को राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।

साथ ही योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था पर आठ साल से अधिक समय से जोर दिया है, खासकर महिलाओं के प्रति अपराध रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए। एनकाउंटर और हाफ एनकाउंटर की नीतियों से महिलाओं के भीतर सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, जो चुनावी माहौल में पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में महिला और युवा केंद्रित रणनीति की सफलता के बाद बीजेपी इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की कोशिश करेगी। पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में इस रणनीति के असर को बड़े पैमाने पर देखा जा सकता है।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.