World Liver Day 2025: लिवर को हेल्दी रखने के लिए समय रहते कराएं ये ज़रूरी टेस्ट

हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है ताकि लोगों को लिवर की अहमियत और उसकी बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा सके। इस साल 2025 की थीम है – ‘Food is Medicine’, यानी खानपान ही असली दवा है। लिवर शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार काम करता है और कई अहम जिम्मेदारियां निभाता है – जैसे खून को साफ करना, खाना पचाना और ज़रूरी पोषक तत्वों को संजो कर रखना।

लेकिन जब तक हमें लिवर से जुड़ी समस्याओं के लक्षण समझ में आते हैं, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। ऐसे में समय रहते कुछ जरूरी टेस्ट करवाना बेहद जरूरी हो जाता है।

क्यों ज़रूरी है लिवर की देखभाल?

डॉ. अजिताभ श्रीवास्तव (डायरेक्टर, एचपीबी सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट, मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज) के मुताबिक, लिवर की बीमारी अक्सर बिना लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है। समय रहते जांच हो जाए तो इलाज आसान हो जाता है और जीवनशैली में बदलाव से लिवर को फिर से हेल्दी बनाया जा सकता है।

जरूरी लिवर टेस्ट जो समय रहते बचा सकते हैं आपकी सेहत
1. लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
यह सबसे बेसिक और जरूरी टेस्ट है, जिसमें कई पैरामीटर चेक किए जाते हैं:

ALT और AST: लिवर में सूजन या डैमेज का संकेत।

बिलिरुबिन: त्वचा या आंखों में पीलापन।

एल्ब्युमिन: लिवर की प्रोटीन बनाने की क्षमता।

2. प्रॉथ्रोम्बिन टाइम (PT)

इससे खून के थक्के बनने की गति मापी जाती है। ज्यादा समय लगने का मतलब है कि लिवर क्लॉटिंग प्रोटीन नहीं बना पा रहा – यह सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

3. जीजीटी टेस्ट (GGT)

यह टेस्ट बाइल डक्ट में समस्या या शराब से हुए नुकसान का संकेत देता है। अक्सर ALP टेस्ट के साथ किया जाता है।

4. अमोनिया टेस्ट

अगर शरीर में अमोनिया का स्तर बढ़ जाए तो मरीज को चक्कर, उलझन और हाथ-पैर कांपने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। यह लिवर डैमेज की ओर इशारा करता है।

5. लिवर अल्ट्रासाउंड

यह रेडिएशन-फ्री तरीका है जिससे फैटी लिवर, ट्यूमर या अन्य घावों का पता लगाया जा सकता है।

किन लोगों को करवाने चाहिए ये टेस्ट?
जो अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं।

जिन्हें डायबिटीज या मोटापे की समस्या है।

जो लंबे समय से दवाएं ले रहे हैं।

जिन्हें बार-बार थकान, मतली या पेट दर्द की शिकायत रहती है।

समय रहते जांच क्यों है जरूरी?

लिवर की बीमारी शुरुआती दौर में पकड़ में आ जाए तो ना केवल उसका इलाज संभव होता है, बल्कि जीवनशैली में बदलाव और सही खानपान से लिवर को फिर से स्वस्थ किया जा सकता है।

याद रखें – सेहतमंद लिवर, सेहतमंद ज़िंदगी की कुंजी है।

 

 

 

 

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