BRICS में शी जिनपिंग का बड़ा संदेश- ‘ताकतवर है तो सही है’ वाली सोच नहीं चलेगी

भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया ऐसे बदलावों के दौर से गुजर रही है, जिन्हें एक सदी में नहीं देखा गया। ऐसे समय में ग्लोबल साउथ दुनिया को बहुध्रुवीय बनाने वाली एक महत्वपूर्ण ताकत बन चुका है।

शी जिनपिंग ने BRICS देशों से इस ऐतिहासिक बदलाव के अवसर को समझने, ग्लोबल साउथ को साथ लाने और विश्व में स्थिरता के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उनके संबोधन को पांच प्रमुख बिंदुओं में समझा जा सकता है।

1. ‘ताकतवर है तो सही है’ वाली सोच नहीं चलेगी

शी जिनपिंग ने बिना नियमों वाली दुनिया की तुलना ऐसे चौराहे से की, जहां ट्रैफिक लाइट न हो और अराजकता की स्थिति पैदा हो जाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए। किसी देश के शक्तिशाली होने का मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा सही हो।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून को सभी देशों पर समान रूप से लागू करने और दोहरे मापदंड खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया।

2. सभी देशों की बराबर भागीदारी

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि आकार, ताकत या आर्थिक स्थिति चाहे जैसी हो, सभी देश समान हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका मजबूत करने और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की वकालत की।

जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में सभी देशों की बराबर भागीदारी की बात कही। साथ ही विश्व व्यापार संगठन यानी WTO में सुधार और विकासशील देशों की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में आवाज मजबूत करने पर भी जोर दिया।

3. AI का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए

शी जिनपिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के विकास को भी अपने संबोधन में प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ को AI का विकास लोगों की भलाई और साझा समृद्धि के लिए करना चाहिए।

चीन की ओर से BRICS AI ओपन-सोर्स कम्युनिटी बनाने, बड़े लैंग्वेज मॉडल के विकास और इस्तेमाल में सहयोग, AI ट्रेनिंग और सेमिनार आयोजित करने जैसी पहलों का प्रस्ताव रखा गया।

4. BRICS सहयोग के लिए पांच पहल

शी जिनपिंग ने BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख पहलें सामने रखीं। इनमें ओपन-सोर्स AI, व्यापार और निवेश को आसान बनाना, डिजिटल इंडस्ट्री में सहयोग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और साइंस-टेक्नोलॉजी टैलेंट डेवलपमेंट शामिल हैं।

चीन BRICS देशों के साथ स्मार्ट फैक्ट्री, डिजिटल स्किल ट्रेनिंग और इंजीनियर तैयार करने के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहता है।

5. विकास के अवसर दुनिया के साथ साझा करने का दावा

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन अपने विकास के अवसर दूसरे देशों के साथ साझा करना चाहता है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव के तहत चीन ने दो हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट लागू किए हैं और 120 से ज्यादा देशों के लोगों को इसका फायदा मिला है।

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन उच्च स्तर पर दुनिया के लिए खुलता रहेगा और BRICS देशों के साथ मिलकर ग्लोबल साउथ के लिए नई ताकत का अध्याय लिखने की कोशिश करेगा।

BRICS मंच से शी जिनपिंग का संदेश स्पष्ट रहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, समान अंतरराष्ट्रीय नियमों, तकनीकी सहयोग और साझा विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

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