योगी का 'प्रशासनिक हंटर': अब छिप नहीं पाएगी काली कमाई!
अब बात उत्तर प्रदेश की, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक सुधारों का हंटर चला दिया है। क्या आप सरकारी कर्मचारी हैं? क्या आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं? या फिर आप एक नया घर खरीदने का सपना देख रहे हैं? तो सावधान हो जाइए! क्योंकि योगी कैबिनेट की बैठक में 1956 की पुरानी नियमावली को बदलकर पारदर्शिता का नया दौर शुरू कर दिया गया है। अब सरकारी बाबू अपनी कमाई और निवेश को छिपा नहीं पाएंगे। वहीं दूसरी तरफ, उन अवैध कब्जाधारियों की खैर नहीं जिन्होंने गरीबों के हक पर डाका डाला था।
दरअसल, सरकार ने 1956 की 'सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली' में बड़े बदलाव किए हैं। नियम-21 और नियम-24 अब कर्मचारियों के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होंगे। आपको बता दें अगर कोई कर्मचारी साल भर में अपने 6 महीने के मूल वेतन से ज्यादा पैसा शेयर, स्टॉक या म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो उसे तुरंत अपने विभाग को खबर करनी होगी। जिससे गुप्त निवेश का खेल खत्म होगा! वहीं अब चल संपत्ति की नई सीमा भी आ गई है, जिसमें पहले एक महीने की सैलरी जितनी खरीदारी पर भी रिपोर्ट देनी पड़ती थी, लेकिन अब राहत देते हुए इसे 2 महीने के मूल वेतन के बराबर कर दिया गया है। यानी महंगी कार या ज्वेलरी खरीदी, तो सरकार को बताना ही पड़ेगा। साथ ही हर साल अचल संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। दरअसल, अब तक कर्मचारी 5 साल में एक बार अपनी जमीन-मकान का हिसाब देते थे, लेकिन अब हर साल अपनी अचल संपत्ति का पूरा कच्चा-चिट्ठा सरकार को सौंपना होगा।
इतना ही नहीं योगी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को लेकर भी ऐतिहासिक नीति बनाई है। जिससे अब शहर में अपना घर बनाना और भी आसान होगा। घर बनाने के लिए केंद्र सरकार 1.50 लाख और राज्य सरकार 1 लाख रुपये देगी। वहीं नए नियम के तहत डेवलपर्स को बंपर छूट मिली है। नक्शा पास कराने से लेकर जमीन के इस्तेमाल तक, सरकार ने प्राइवेट डेवलपर्स के लिए रियायतों की झड़ी लगा दी है, ताकि तेजी से सस्ते घर बनें। साथ ही शहर में आने वाले प्रवासियों और कामकाजी महिलाओं के लिए 'किफायती किराया आवास' बनाए जाएंगे, ताकि किसी को भी फुटपाथ पर न सोना पड़े। लेकिन सरकार ने उन लोगों को खुली चेतावनी दी है जिन्होंने कांशीराम आवासों पर अवैध कब्जा कर रखा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने साफ कर दिया है कि प्रदेश भर के आवासों की जांच होगी। अवैध कब्जाधारियों को बाहर फेंका जाएगा! खाली कराए गए मकानों की रंगाई-पुताई और मरम्मत कराई जाएगी और फिर उन्हें पात्र दलित परिवारों को पूरी पारदर्शिता के साथ सौंपा जाएगा।
जाहिर है इन फैसलों से न केवल सरकारी सिस्टम में ईमानदारी आएगी, बल्कि आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा। पुराने ढर्रे पर चल रहे नियमों को आधुनिक बनाकर योगी सरकार ने संदेश दे दिया है कि जवाबदेही ही अब नया नियम है। जहाँ एक तरफ कर्मचारियों को अपनी एक-एक पाई का हिसाब देना होगा, वहीं दूसरी तरफ गरीबों के सिर पर छत सुनिश्चित की जा रही है। योगी सरकार के इन कड़े फैसलों ने साफ कर दिया है कि यूपी में अब सिर्फ काम चलेगा, करप्शन नहीं!
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