सिर पर भगवा गमछा, हाथ में नारी शक्ति का संकल्प; लखनऊ की सड़कों पर उतरे सीएम योगी

लखनऊ के कालीदास मार्ग से जब आज मंगलवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिर पर भगवा गमछा बांधे बाहर निकले, तो यह केवल एक पदयात्रा नहीं बल्कि विपक्ष के खिलाफ युद्ध का शंखनाद था। जी हां 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को संसद में गिराने वाले विपक्षी दलों के खिलाफ बीजेपी ने आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। सीएम आवास से लेकर विधानभवन तक की सड़कें मातृशक्ति के जयकारों और विपक्षी दलों के खिलाफ नारों से गूंज उठीं। जन आक्रोश महिला पदयात्रा उस आक्रोश का प्रतीक थी, जो महिला आरक्षण बिल के राह में रोड़ा अटकाने वाले इंडी गठबंधन के खिलाफ देश की आधी आबादी के मन में धधक रहा है।

इस पदयात्रा की सबसे खास तस्वीर वह थी जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कंधे से कंधा मिलाकर दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य चल रहे थे। साथ में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और महिला आयोग की पूरी टीम भी इस पैदल मार्च का हिस्सा बनी। लखनऊ के कोने-कोने से आई सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने इस मार्च को एक जनसैलाब में तब्दील कर दिया। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष को घेरते हुए वो मशहूर नारा दोहराया जिसने सपाई खेमे में हलचल मचा दी, उन्होंने कहा कि..."आज महिलाएं सड़कों पर हैं क्योंकि इन्होंने, देख सपाई बिटिया घबराई वाली कहावत सच कर दी है।"

वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं, तो सपा-कांग्रेस को कोई वोट नहीं मिलेगा। उन्होंने साफ किया कि मातृशक्ति आने वाले चुनाव में विपक्ष का सूपड़ा साफ कर देगी। राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने संसद के भीतर के दृश्य को याद दिलाते हुए कहा कि विपक्ष ने न केवल बिल गिराया, बल्कि सदन में खुशियां मनाईं और तालियां बजाईं, जिसे देश कभी माफ नहीं करेगा।

वहीं पदयात्रा जब विधानभवन पहुंची, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए विपक्ष की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा कि आज जो आक्रोश लखनऊ की सड़कों पर दिख रहा है, वह पूरे देश की महिलाओं की आवाज है। पीएम मोदी के विजन को दोहराते हुए सीएम ने कहा कि देश में सिर्फ चार जातियां हैं महिला, गरीब, युवा और किसान। बीजेपी की हर नीति इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती है। सीएम ने आरोप लगाया कि 20 फीसदी वोट बैंक और नकाब वालों को खुश करने के चक्कर में सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके ने आधी आबादी के हक पर डाका डाला है। योगी ने आह्वान किया कि इस आक्रोश को रुकना नहीं चाहिए। यह कैंपेन अब हर जिले, हर ब्लॉक और हर बूथ स्तर तक जाएगा ताकि विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा बेनकाब हो सके। 

देखा जाए तो आज मंगलवार को लखनऊ में निकाली गई यह 'जन आक्रोश पदयात्रा' महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि 2027 के बड़े सियासी रण की आधारशिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद पैदल चलकर यह संदेश दे दिया है कि महिला सशक्तिकरण बीजेपी के लिए सिर्फ नारा नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता है। सिर पर गमछा बांधकर सड़क पर उतरे योगी ने विपक्ष को साफ संदेश दे दिया है कि नारी शक्ति से टकराना उन्हें बहुत भारी पड़ने वाला है। अब यह चिंगारी ब्लॉक और जिले स्तर तक जाएगी, जो आने वाले चुनावों में विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती बनने वाली है। लखनऊ की इस गर्मी में महिलाओं का यह जोश बता रहा था कि अब वे अपने हक के लिए किसी भी बाधा को पार करने को तैयार हैं! 

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