बिहार-दिल्ली फतह के बाद अब बंगाल की बारी: योगी का 90% स्ट्राइक रेट मचाएगा तबाही!

बंगाल की खाड़ी से उठा सियासी तूफान अब चक्रवात बन चुका है और इस चक्रवात के केंद्र में हैं...उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ! बंगाल की धरती पर जब बाबा का बुलडोजर गरजता है, तो उसकी गूँज कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल से लेकर ममता बनर्जी के कालीघाट वाले दफ्तर तक सुनाई देती है। जी हां सीएम योगी का वो कातिलाना स्ट्राइक रेट, जिसने पहले बिहार और दिल्ली में विपक्ष का सूपड़ा साफ किया और अब बंगाल में टीएमसी के खेला को खत्म करने की कगार पर है। 

दरअसल, जॉयपुर की रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण नहीं, बल्कि यूपी मॉडल की मांग कर रही है। सीएम योगी ने मंच से सीधे ममता दीदी को चुनौती देते हुए कहा कि टीएमसी का खेल अब खत्म हो चुका है। ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर बंगाल में तख्तापलट होता है, तो उसका सबसे बड़ा श्रेय योगी आदित्यनाथ की रैलियों को जाएगा। इसके पीछे गवाह उनके पिछले चुनावी आंकड़े है। 

आपको बता दें हालिया बिहार विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ सबसे बड़े गेम चेंजर साबित हुए। उन्होंने 31 सीटों पर प्रचार किया और उनमें से 28 सीटों पर एनडीए को जीत दिलाई! दानापुर जैसी मुश्किल सीट, जहाँ बीजेपी पिछड़ रही थी, योगी की रैली के बाद वहां भगवा लहरा गया। इतना ही नहीं फरवरी 2025 के दिल्ली चुनाव में जहाँ बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ वापसी की, वहां भी योगी का जादू सिर चढ़कर बोला। योगी ने 14 सीटों पर रैलियां कीं और उनमें से 11 सीटों पर बीजेपी ने दमदार जीत दर्ज की। पटपड़गंज से लेकर द्वारका तक, योगी की गर्जना ने अरविंद केजरीवाल के किले में सेंध लगा दी। वहीं अब बंगाल की रैलियों में सीएम योगी ने हिंदुत्व के एजेंडे को धार देते हुए ममता सरकार की दुखती रग पर हाथ रखा है। 

योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया कि बंगाल में अब सिंडिकेट राज नहीं चलेगा। वहीं कहा जा रहा है कि योगी की रैलियों में जो भीड़ उमड़ रही है, वह सिर्फ शोर नहीं बल्कि साइलेंट वोटर है जो वोटिंग के दिन टीएमसी के लिए मुसीबत बनने वाला है। यूपी की कानून-व्यवस्था और बुलडोजर न्याय की चर्चा बंगाल के घर-घर में हो रही है। जाहिर है बंगाल चुनाव के पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग और योगी आदित्यनाथ की रैलियों में उमड़ा यह जनसैलाब बता रहा है कि मुकाबला अब बराबरी का नहीं रह गया है। ममता बनर्जी के खेला होबे के जवाब में योगी का विकास और कानून-व्यवस्था का एजेंडा भारी पड़ता दिख रहा है। 

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बिहार और दिल्ली की तरह बंगाल में भी योगी का स्ट्राइक रेट 90% के करीब रहेगा? क्या दीदी के गढ़ में बाबा का बुलडोजर कमल खिला पाएगा? इसका फैसला तो 4 मई को होगा, लेकिन फिलहाल बंगाल के आसमान में जय श्रीराम की गूंज ने टीएमसी की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं।

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