कानपुर में सीएम योगी का कांग्रेस-सपा पर हमला, बोले- देश में दो मियां, छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से प्यार

कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में इस समय दो मियां हैं—एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां। दोनों को घुसपैठियों से बहुत प्यार है, जबकि दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं का अपमान किया जाता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर के बिठूर पहुंचे थे। यहां उन्होंने वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और इसके बाद नाना राव पेशवा पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रदेश के विकास, धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

सपा-कांग्रेस ने अयोध्या के विकास में अटकाए रोड़े: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम के त्रेता युग से जुड़ी नगरी लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने अयोध्या के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में पहले आवागमन की सुविधाएं सीमित थीं, बिजली की समस्या थी और गंदगी का माहौल बना रहता था। उनके मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जब अयोध्या के विकास के लिए योजनाएं बनाईं, तो विपक्ष ने उनमें बाधा डालने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम का व्यापक विकास हुआ है। पहले जहां श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए सीमित सुविधाएं मिलती थीं, वहीं अब बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी के बाद अयोध्या भी नए स्वरूप में विकसित हुई है।

अयोध्या को फिर से त्रेता युग की ओर ले जाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ-साथ पूरी नगरी को दिव्य और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, मां विंध्यवासिनी धाम, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य और बिठूर के विकास का भी उल्लेख किया।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों सहित प्रदेश के लगभग 4,000 स्थानों पर सुरक्षा, सुंदरीकरण और अन्य सुविधाओं से संबंधित कार्य शुरू करने की योजना है। इनमें बाउंड्री वॉल, छत या कैनोपी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल हैं।

'छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से प्यार'

अपने भाषण के सबसे चर्चित हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों को लंबे समय तक प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उनके कार्यकाल में किसानों, गरीबों और युवाओं की समस्याएं बनी रहीं।उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, गरीबों को कठिनाइयां झेलनी पड़ीं और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और व्यापारियों की जमीनों पर कथित कब्जों को लेकर भी समाजवादी पार्टी की आलोचना की।सीएम योगी ने कहा, "इस समय देश के अंदर दो मियां हैं। एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां। छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है।"उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति नरम रुख अपनाते हैं, जबकि दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों की अनदेखी करते हैं।

कोसी कलां, जवाहर बाग और मुजफ्फरनगर की घटनाओं का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों के दौरान हुई कई घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कोसी कलां की हिंसा, मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण और मुजफ्फरनगर दंगों को याद करते हुए समाजवादी पार्टी की सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया।जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर लंबे समय तक कब्जा बना रहा और कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों की जान चली गई। उन्होंने इसे तत्कालीन सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल के रूप में पेश किया।योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तनाव और हिंसा का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं संभाला।

अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में विरासत के आधार पर सत्ता हासिल की जा सकती है, लेकिन जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए काम करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि जनता पिछली सरकारों के कामकाज को देखकर अपना फैसला करती है और समाजवादी पार्टी को प्रदेश की जनता पहले ही सत्ता से बाहर कर चुकी है।सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता की विरासत बार-बार काम नहीं आती और राजनीतिक सफलता के लिए जमीन पर उतरकर काम करना पड़ता है। उन्होंने अखिलेश यादव को आगामी चुनावों में सत्ता में वापसी की उम्मीद छोड़ने की नसीहत भी दी।

विकास और कानून-व्यवस्था को बनाया राजनीतिक मुद्दा

कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमलों के लिए भी चर्चा में रहा। उन्होंने जहां अयोध्या और काशी के विकास को अपनी सरकार की उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया, वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पिछले कार्यकालों पर सवाल उठाए।मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों के विकास, किसानों और युवाओं के हितों तथा कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। साथ ही, 'छोटे मियां और बड़े मियां' वाली टिप्पणी के जरिए उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला तेज किया।

 

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