“मेरी मृत्यु को लोकतन्त्र की हत्या माना जाए।”- कवि गुंजन श्रीवास्तव

हिंदी साहित्य में एक दौर ऐसा भी आया कि जब कविता अकविता के रूप में भी नज़र आई। हालाँकि इस अकविता में भी विचारों, भावों और संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यति हुई है। वहीं आज हम बिहार के बेगुसराय जिले के एक युवा कवि की कुछ चुनिंदा रचनाओं से आज आपको रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिसमें भारत का युवा कुछ हद तक क्या सोचता है ये बयाँ किया गया है। तो आइये हम और आप आज पढ़ते हैं और अवलोकन करते हैं बिहार के बेगुसराय में जन्मे युवा कवि गुंजन श्रीवास्तव की कुछ चुनिंदा कविताएँ...।
पेड़ बूढ़ा हो चुका था
पहले फलों
फिर पशु - पक्षियों
और आख़िर में कुछ बचे
सूखे पत्तों ने भी छुड़ा लिया था
उसके हाथों से
अपनी उँगलियों को !
उस बूढ़े पेड़ से तोड़कर
अक्सर लाया करती थी माँ
उसकी बची -खुची सूखी लकड़ियाँ
जिससे पकाया जाता था
हम भाई - बहनों के लिए भोजन
माँ उस बूढ़े पेड़ की लकड़ियों
को तोड़ने से पूर्व
उसे सहलाना और गले लगाना नही भूलती
और अक्सर हमसे कहा करती —
तुम्हें याद रखना है, मेरे बच्चो
कि कैसे एक बूढ़े पेड़ ने
अपने बुढ़ापे से
तुम्हें जवान किया है !
मेरी मृत्यु,
गर क़ानून की लाचारी की वजह से या
किसी गुण्डे की गोली से
न्याय के लिए भटकते कभी
अदालत के चक्कर लगाते
संसाधनों से युक्त इस देश में
एक रोटी की ख़ातिर
हो जाए या किसी अस्पताल की चौखट पर
रक़म न भर पाने की ख़ातिर हो
तब उसे तुम ‘मृत्यु’ मत कहना दोस्त !
अख़बार लिखें
या दें लोकतन्त्र के कुछ कीड़े गवाही
तब भी उसे तुम
हत्या ही कहना !
मेरे परिजनों से कहना कि मुझे
न लिटाएँ लकड़ियों की सेज पर
करवा लाना संविधान की कुछ प्रतिलिपियाँ
जिनपे मैं लेट सकूँ अपने मृत शरीर को लिए
और कहना मेरी आख़िरी इच्छा थी कि
“मेरी मृत्यु को
लोकतन्त्र की हत्या माना जाए”।
मुझे भ्रम होता है कि एक दिन ये बच्चा
बदल जाएगा अचानक
‘मेरे देश के मानचित्र में’
और सर पर कश्मीर रख ढोता फिरेगा
सड़कों – चौराहों पर
भूख-भूख कहता हुआ
मुझे भ्रम है कि कल इसके
कन्धे पर उभर आएँगी
उत्तराखण्ड और पंजाब की आकृतियाँ
भुजाओं पर इसकी अचानक उग आएँगे
गुजरात और असम
सीने में धड़कते दिल की जगह ले लेगा
मध्यप्रदेश
नितम्बों को भेदते हुए निकल आएँगे
राजस्थान और उतरप्रदेश
पेट की आग से झुलसता दिखेगा
तेलंगाना
फटे चीथड़े पैजामे के घुटनों से झाँक रहे होंगे
आ्न्ध्र और कर्नाटक
और पावँ की जगह ले लेंगे केरल औऱ तमिलनाडु
जैसे राज्य ।
मैं जानता हूँ ये बच्चा कोई बच्चा नहीं
इस देश का मानचित्र है
जो कभी भी अपने असली रूप में आकर
इस मुल्क की धज्जियाँ उड़ा सकता है !
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