छत्तीसगढ़ में मेंढक-मेंढकी की अनोखी शादी, वजह जान रह जाएंगे हैरान!
कल्पना कीजिए, चारों तरफ ढोल-नगाड़े बज रहे हों, शादी का निमंत्रण पाकर मेहमान सज-धजकर पहुंचे हों, और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूल्हा-दुल्हन सात फेरे ले रहे हों... लेकिन ट्विस्ट यह है कि दूल्हा और दुल्हन इंसान नहीं, बल्कि एक मेंढक और मेंढकी हैं! लोक आस्था और परंपरा का ऐसा ही एक बेहद दिलचस्प नजारा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में देखने को मिला।
सूखे की चिंता और सदियों पुराना विश्वास
सूरजपुर के प्रतापपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले खूंशी क्षेत्र में इस अनोखे विवाह का आयोजन किया गया। दरअसल, इलाके में काफी समय से पर्याप्त बारिश नहीं हुई थी, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई थीं। अपनी फसलों को बचाने और सूखे के संकट से उबरने के लिए ग्रामीणों ने अपनी प्राचीन लोक परंपरा का सहारा लिया। आयोजन समिति के सदस्य रामनाथ सिंह बताते हैं कि इलाके में जब भी सूखे के हालात बनते हैं, तब वर्षा के देवता इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए यह पारंपरिक विवाह कराया जाता है।
निमंत्रण कार्ड से लेकर भंडारे तक, सब कुछ था रियल
यह कोई सामान्य या प्रतीकात्मक रस्म नहीं थी, बल्कि इसे एक असली शादी की तरह भव्य रूप दिया गया। बकायदा आसपास के गांवों में शादी के कार्ड बांटे गए। गुरुवार को जब बैंड-बाजे के साथ बारात निकली, तो ग्रामीण पारंपरिक गीतों पर जमकर थिरके। हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया गया और अंत में पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़े भंडारे (सामूहिक भोज) का आयोजन भी हुआ।
शादी होते ही मौसम विभाग ने भी दी खुशखबरी!
शायद ग्रामीणों की आस्था का ही असर है कि शादी संपन्न होते ही मौसम का मिजाज भी बदल गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए बताया है कि तीन दिनों की सुस्ती के बाद छत्तीसगढ़ में मॉनसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
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