दादा-दादी की हत्या कर स्कूल पहुंचा नाबालिग, फिर टीचर्स और दोस्तों पर बरसाई गोलियां
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आठवीं कक्षा के एक छात्र ने स्कूल परिसर में पहुंचकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्कूल पहुंचने से पहले घर में की वारदात
जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र ने स्कूल जाने से पहले अपने घर पर अपने दादा-दादी को गोली मार दी थी। इसके बाद वह स्कूल पहुंचा और वहां छात्रों व शिक्षकों को निशाना बनाया।
हमले में शिक्षक और छात्र बने शिकार
इस गोलीकांड में तीन शिक्षकों और चार छात्रों समेत कई लोगों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार, फायरिंग के बाद छात्र ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी मौत हो गई।
चश्मदीदों ने बताई डरावनी कहानी
घटना के समय मौजूद छात्रों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें गोलियों की आवाज पटाखों जैसी लगी। लगातार कई राउंड फायर होने के बाद स्कूल में डर का माहौल फैल गया और छात्र अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया
हमले के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक, कई लोग गोलियों से घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। स्कूल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
हमले की वजह तलाश रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया। जांच एजेंसियां हथियार मिलने की स्थिति और हमले के पीछे की वजहों की पड़ताल कर रही हैं।
नाबालिग हमलावर को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने नाबालिगों में हिंसक व्यवहार, मानसिक दबाव और हथियारों की पहुंच जैसे मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। अधिकारी मामले की पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी देने की बात कह रहे हैं।
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