चीन में ‘लेटकर बादल देखने’ की नौकरी, हर महीने ₹8.5 लाख सैलरी!
चीन के हेनान प्रांत में मौजूद मशहूर लाओजुन माउंटेन से जुड़ी एक नौकरी ने युवाओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यहां ‘क्लाउड ऑब्जर्वर’ के तौर पर काम करने का मौका दिया गया, लेकिन यह पद जितना अनोखा सुनाई देता है, इसके लिए मुकाबला उतना ही कड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 3,600 लोगों ने इस एक पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की।
सोशल मीडिया बना सिलेक्शन का जरिया
इस नौकरी के लिए पारंपरिक इंटरव्यू के बजाय सोशल मीडिया को ही चयन का आधार बनाया गया। उम्मीदवारों से चीन के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म दोयिन पर तय हैशटैग के साथ अपना बनाया हुआ वीडियो शेयर करने को कहा गया था। वीडियो की पहुंच, दर्शकों की प्रतिक्रिया और उसकी क्रिएटिव क्वालिटी जैसे पहलुओं को देखते हुए उम्मीदवार का चुनाव किया गया।
इस अनोखे तरीके से 22 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर ली सिचेन ने बाजी मार ली। सोशल मीडिया पर ‘जिओ जाओ’ नाम से पहचाने जाने वाले ली ने अपने माता-पिता के साथ रात में की गई पहाड़ की चढ़ाई का वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो को कुछ ही दिनों में 1.1 लाख से ज्यादा लाइक्स मिले और आखिरकार उन्हें 30 दिनों के लिए यह जिम्मेदारी सौंप दी गई।
सुबह अंधेरे से शुरू होता है काम
ली ने 16 जुलाई को करीब 7,217 फीट की ऊंचाई पर स्थित जगह से अपनी ड्यूटी शुरू की। बाहर से देखने पर यह काम प्रकृति के बीच आराम करने जैसा लग सकता है, लेकिन असल जिम्मेदारी काफी चुनौतीपूर्ण है।
उन्हें हर दिन पहाड़ों के आसपास बनने वाले बादलों पर नजर रखनी होती है और उनके वीडियो रिकॉर्ड करने होते हैं। दिन की शुरुआत करीब 4:50 बजे से हो जाती है। सूर्योदय के समय से लेकर शाम तक कैमरे के साथ शूटिंग करनी पड़ती है। मौसम जैसा भी हो, रोज कम से कम एक नया शॉर्ट वीडियो तैयार करके पोस्ट करना जरूरी है।
कई बार मनचाहा दृश्य कैमरे में कैद करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। पहाड़ पर बदलता मौसम, तापमान में उतार-चढ़ाव और कमजोर मोबाइल नेटवर्क इस काम को और कठिन बना देते हैं। ली ने भी अपने अनुभव को आसान छुट्टी के बजाय काफी मुश्किल और मानसिक रूप से थका देने वाला बताया है।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा ऐसी नौकरियों का आकर्षण?
लाओजुन माउंटेन की यह नौकरी सिर्फ अपने अनोखे काम की वजह से चर्चा में नहीं आई। इसके पीछे चीन के रोजगार बाजार की मौजूदा स्थिति भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, जून में 16 से 24 साल के युवाओं की बेरोजगारी दर 14.9 प्रतिशत रही, जिसमें छात्र शामिल नहीं हैं। इसी अवधि में करीब 1.27 करोड़ नए ग्रेजुएट्स के नौकरी बाजार में आने की बात कही गई।
ऐसे माहौल में युवाओं के लिए पारंपरिक नौकरियों के अलावा सोशल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और पर्यटन से जुड़े नए तरह के रोजगार भी आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। लाओजुन माउंटेन की ‘क्लाउड ऑब्जर्वर’ जॉब इसी बदलते रोजगार ट्रेंड की एक दिलचस्प मिसाल है।
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