भारत में शुरू हुई ‘RENTAL PARTNER’ सर्विस: घंटों के हिसाब से बुक करें साथ देने वाला साथी
भारत में अब एक ऐसी नई सेवा शुरू हुई है, जो पहले मुख्य रूप से विदेशों में ही देखने को मिलती थी। KoPartner.in नाम की एक वेबसाइट के जरिए अब लोग किराए पर “पार्टनर” बुक कर सकते हैं। ये पार्टनर घंटे के हिसाब से उपलब्ध होते हैं। चाहे शॉपिंग पर जाना हो, मूवी देखनी हो, घूमने जाना हो या किसी इवेंट में किसी का साथ चाहिए हो—बस वेबसाइट पर बुकिंग करनी होती है और तय समय पर पार्टनर उपलब्ध हो जाता है।
यह तरह की सेवाएं चीन, जापान और अमेरिका जैसे देशों में पहले से ही काफी लोकप्रिय रही हैं। वहां लोग अकेलेपन को कम करने या सामाजिक आयोजनों में साथ पाने के लिए ऐसे रेंटल पार्टनर्स की मदद लेते हैं। अब यह ट्रेंड भारत में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। खासकर शहरी युवाओं के बीच इसे एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड कई पुरुष और महिलाएं प्रोफेशनल तरीके से यह सेवा देते हैं।
लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं
इस वेबसाइट से जुड़े अनुभव सोशल मीडिया पर भी सामने आ रहे हैं। कुछ लोग बताते हैं कि उन्होंने सेवा लेकर कैसा अनुभव पाया, तो कुछ लोग इसे प्रदान करने वाले अपने काम के बारे में साझा कर रहे हैं। एक महिला के अनुसार, वह एक दिन में कई बुकिंग्स से अच्छी कमाई कर लेती हैं। उनका कहना है, “बहुत से लोग अकेले इवेंट्स में नहीं जाना चाहते, इसलिए हम उनके साथ जाते हैं। बातचीत, साथ घूमना और सम्मानजनक व्यवहार ही इस सेवा का हिस्सा है।”
सेवा के नियम भी स्पष्ट बताए गए हैं। पार्टनर केवल साथ देने के लिए होते हैं, और किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि या गैर-कानूनी काम की अनुमति नहीं होती।
शुरू हुई बहस
यह सेवा अब समाज में नैतिकता और संबंधों को लेकर बहस का विषय बन गई है। कुछ लोग इसे आधुनिक समय की नई तरह की दोस्ती मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि शहरी जीवन की व्यस्तता और अकेलेपन के कारण ऐसी सेवाओं की मांग बढ़ रही है। एक यूजर ने लिखा, “आजकल दोस्त मिलना मुश्किल हो गया है, इसलिए पैसे देकर अच्छा साथ लेना आसान विकल्प लगता है।”
वहीं आलोचकों का मानना है कि इससे रिश्तों की भावनात्मक कीमत कम हो रही है और प्यार, दोस्ती तथा साथ जैसी चीजें भी एक सेवा बनती जा रही हैं। पारंपरिक सोच वाले लोग इसे समाज के लिए चिंताजनक बदलाव बता रहे हैं।
KoPartner.in के संस्थापक का कहना है कि यह पूरी तरह सुरक्षित और प्रोफेशनल सेवा है। इसमें आईडी वेरिफिकेशन, बैकग्राउंड चेक और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, ताकि ग्राहक और पार्टनर दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कुल मिलाकर, यह सेवा तेजी से चर्चा में है और कई लोग इसे भविष्य का उभरता हुआ ट्रेंड मान रहे हैं। बढ़ती सामाजिक दूरी, अकेलापन और महंगे सामाजिक आउटिंग्स के बीच यह एक नए विकल्प के रूप में सामने आ रही है।
No Previous Comments found.