Zinc Deficiency In Women: बालों का झड़ना और पीरियड्स की समस्या? कहीं आप भी तो नहीं हैं इस जरूरी मिनरल की कमी की शिकार?
BY-UJJWAL SINGH
लगातार बालों का झड़ना, अनियमित पीरियड्स, बढ़ते मुंहासे और थकान,अक्सर महिलाएं इन समस्याओं का कारण तनाव, उम्र या हार्मोनल बदलाव को मान लेती हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इन लक्षणों के पीछे एक जरूरी मिनरल जिंक (Zinc) की कमी भी हो सकती है.जिंक शरीर में हार्मोन संतुलन बनाए रखने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और कोशिकाओं की मरम्मत जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाता है. इसके बावजूद, इसकी कमी को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

क्या है जिंक को लेकर जरूरी नियम?
Indian Council of Medical Research (ICMR) के अनुसार, वयस्क महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 8 से 12 मिलीग्राम जिंक की आवश्यकता होती है. वहीं National Institutes of Health के मुताबिक, जिंक प्रजनन स्वास्थ्य, घाव भरने, डीएनए निर्माण और इम्यून सेल्स के विकास के लिए बेहद जरूरी है.हालांकि, शाकाहारी भोजन में जिंक की उपलब्धता कम हो सकती है या उसका अवशोषण (Absorption) घट सकता है. दालों और अनाज में मौजूद फाइटेट्स जिंक के अवशोषण को कम कर देते हैं, इसलिए इन्हें भिगोकर या अंकुरित कर पकाना बेहतर विकल्प माना जाता है.

जिंक की कमी से क्या हो सकती हैं दिक्कतें?
- विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करता है. इसकी कमी से ओव्यूलेशन अनियमित हो सकता है, पीएमएस के लक्षण बढ़ सकते हैं और मुंहासे ज्यादा होने लगते हैं.
- जिंक थायरॉयड फंक्शन से भी जुड़ा है, जिससे ऊर्जा स्तर और मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो सकता है. यही कारण है कि कई महिलाओं में थकान और पीरियड्स की गड़बड़ी एक साथ देखने को मिलती है.
- इसके अलावा, कमजोर इम्यूनिटी, बार-बार संक्रमण, घाव का देर से भरना और लगातार सर्दी-जुकाम भी जिंक की कमी के संकेत हो सकते हैं। कुछ मामलों में सूजन बढ़ना और बिना कारण वजन घटना भी देखा जाता है.
- पीसीओएस, मेनोरेजिया से जूझ रही महिलाएं, सख्त शाकाहारी या लंबे समय से तनाव में रहने वाली महिलाओं में इसकी कमी का खतरा अधिक रहता है. गर्भावस्था के दौरान भी जिंक की जरूरत बढ़ जाती है.
जिंक की कमी कैसे पूरी करें?
जिंक के अच्छे स्रोतों में कद्दू के बीज, चना, मसूर, काजू, बादाम, पालक, साबुत अनाज, अंडे, दही, सीफूड और लीन मीट शामिल हैं। चूंकि शरीर जिंक को लंबे समय तक स्टोर नहीं करता, इसलिए रोजाना संतुलित मात्रा में इसका सेवन जरूरी है. हालांकि, सप्लीमेंट लेने से पहले जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। ज्यादा मात्रा में जिंक लेने से तांबे के अवशोषण में बाधा और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं.अक्सर बेहतर स्वास्थ्य के लिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि ऐसी छोटी लेकिन जरूरी कमी को पूरा करना ही काफी होता है, जिसे हम लंबे समय से नजरअंदाज कर रहे होते हैं.
No Previous Comments found.