हाई कोर्ट के आदेश के बाद आणंद जिला पंचायत प्रेसिडेंट-वाइस प्रेसिडेंट चुनाव में BJP जीती
आनंद : जिला पंचायत में प्रेसिडेंट का पद पहले टर्म के लिए आदिवासी महिलाओं के लिए रिज़र्व था। चुनाव प्रोसेस के दौरान BJP कैंडिडेट का फॉर्म कैंसिल होने से कांग्रेस को जीतने का मौका मिला। हालांकि, BJP ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। जैसे ही हाई कोर्ट ने फॉर्म कैंसिल करने का आदेश दिया, राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। आणंद जिला पंचायत प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट चुनाव में आखिरी समय में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। गुजरात हाई कोर्ट के एक अहम आदेश ने पूरे चुनाव की तस्वीर बदल दी है।
हाई कोर्ट के पहले कैंसिल किए गए नॉमिनेशन फॉर्म को कैंसिल करने के आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आ गई है, जबकि कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। गौरतलब है कि मयूरी पटेल मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हैं और उन्होंने जनरल महिला सीट से चुनाव लड़ा था। प्रेसिडेंट पद के लिए ST रिजर्वेशन था। इस कानूनी दांव-पेंच के बीच चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिला पंचायत के बोर्ड रूम में माहौल गरमा गया। भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के बीच काफी उत्साह देखने को मिला। आखिर में जैसे ही आधिकारिक घोषणा हुई, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीतने वाले पदाधिकारियों को माला पहनाई और उन्हें जीत की बधाई दी।
रिपोर्टर : ताहिर मेमन


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