आनंद कुल 96 भूमिहीन लाभार्थी परिवारों को आवास सहायता की पहली किस्त के तौर पर Rs. 30,000 दिए गए, कुल Rs. 28.80 लाख

आनंद - आनंद कुल 96 भूमिहीन लाभार्थी परिवारों को आवास सहायता की पहली किस्त के तौर पर Rs. 30,000 दिए गए, कुल Rs. 28.80 लाख। इस प्रोग्राम में, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवास योजना के तहत कुल 96 भूमिहीन लाभार्थी परिवारों को, जिनमें 61 घुमंतू जाति के, 15 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के और 20 सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग के थे, 1,70,000 रुपये की आवास सहायता की पहली किस्त के तौर पर Rs. 30,000 दिए गए। कुल Rs. 28.80 लाख सीधे उनके बैंक अकाउंट में DBT के ज़रिए जमा किए गए।

इस अवसर पर मंत्री श्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी के जन्मदिवस पर भादरण के भूमिहीन, घुमंतू विमुक्त जातियों एवं पिछड़े वर्ग के परिवारों का ‘अपना घर’ मिलने का सपना पूरा हो रहा है, जो इस दिन को ऐतिहासिक बनाता है। पहले इस विभाग को केवल ‘कल्याण विभाग’ के नाम से जाना जाता था, जिससे ऐसा लगता था कि हम समाज के गरीब वर्ग पर कोई उपकार कर रहे हैं। लेकिन श्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं उसके बाद नरेन्द्रभाई मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विभाग का नाम ‘सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग’ रखा। यह कोई भीख या सहायता नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा देखे गए समानता एवं न्याय के सपने को साकार कर अंतिम नागरिक को उसका संवैधानिक अधिकार एवं स्वाभिमान दिलाने का एक विनम्र प्रयास है।

96 लाभार्थी परिवारों को रु. 1.70 लाख की आवास सहायता के तहत पहली किस्त के रूप में 28.80 लाख रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में जमा कर दी गई है। पिछले 10 सालों में, पूरे गुजरात में 1.72 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों को 1,438 करोड़ रुपये से ज़्यादा की हाउसिंग मदद दी गई है। पक्का घर सिर्फ़ ईंटों की बिल्डिंग नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवार को सोशल सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और इज्ज़त से जीने की ताकत देता है। 

रिपोर्टर - ताहिर मेमन

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