अरवल्ली में दूध संजीवनी योजना का और विस्तार: मोडासा, मालपुर, धनसुरा और बायड कॉम्पोनेंट में स्कीम शुरू

अरवल्ली - के 64 हजार से ज़्यादा बच्चों और 8,600 से ज़्यादा प्रेग्नेंट और दूध पिलाने वाली माताओं को मिलेगा न्यूट्रिशन का फ़ायदा बच्चों और माताओं के न्यूट्रिशन को और मज़बूत करने के मकसद से अरवल्ली ज़िले में चलाई जा रही *‘दूध संजीवनी योजना’का और विस्तार किया गया है। यह स्कीम ज़िले के आदिवासी तालुकाओं में तो पहले से ही चल रही है, लेकिन अब 17 सितंबर, 2026 से इस स्कीम का फ़ायदा गैर-आदिवासी इलाके के मोडासा, मालपुर, धनसुरा और बायड कॉम्पोनेंट के सभी आंगनवाड़ी सेंटर में भी मिलने लगा है।

स्कीम के विस्तार के तहत, चारों कॉम्पोनेंट के आंगनवाड़ी सेंटर में, माननीय। ‘दूध संजीवनी योजना’ को तालुका अध्यक्ष, तालुका डेलीकेटेसन, महिला मोर्चा मंत्री, सरपंच और गांव के नेताओं ने लॉन्च किया और बच्चों को दूध बांटा। चार नए हिस्से जुड़ने से आंगनवाड़ी सेंटरों के 6 महीने से 6 साल के 38,700 से ज़्यादा बच्चों और 5,100 से ज़्यादा गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को इसका फ़ायदा मिलेगा। इस बढ़ोतरी से पूरे अरावली ज़िले में कुल 64,000 से ज़्यादा बच्चों और 8,600 से ज़्यादा गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को इस योजना का फ़ायदा मिलेगा।

इस योजना के तहत, 6 महीने से 6 साल के बच्चों को हफ़्ते में पांच दिन, सोमवार से शुक्रवार तक, हर दिन विटामिन ‘A’ और ‘D’ वाला 100 ml पाश्चुराइज़्ड फ़्लेवर्ड मिल्क दिया जाएगा। जबकि गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को हफ़्ते में दो बार, बुधवार और शुक्रवार को 200 ml पाश्चुराइज़्ड फ़्लेवर्ड मिल्क दिया जाएगा। रेगुलर दूध पीने से बच्चों का न्यूट्रिशनल स्टेटस बेहतर होगा, उनका हेल्दी और ऑल-राउंड डेवलपमेंट होगा और प्रेग्नेंट और दूध पिलाने वाली मांओं का न्यूट्रिशन भी मज़बूत होगा। हेल्दी बच्चा खुशहाल परिवार… खुशहाल भारत’ के संकल्प के साथ, दूध संजीवनी योजना को बढ़ाने से जिले में ज़्यादा बच्चों और मांओं को न्यूट्रिशन का फ़ायदा मिलेगा।

रिपोर्टर - जगदीश सोलंकी 

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