तीन साल बाद भी पुल का इंतजार,बारिश में कैद हो जाते हैं सुसवा के स्कूली बच्चे और ग्रामीण

बालाघाट : बालाघाट जिले के जनपद पंचायत किरनापुर की ग्राम पंचायत सुसवा और उसके एक टोले के बीच बहने वाले नाले पर पुल नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश के दिनों में नाला उफान पर आने के कारण स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालात इतने गंभीर हैं कि सुसवा के कई स्कूली बच्चे करीब तीन महीने तक अपने स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।

2023 में भी उठी थी आवाज, दिया गया था पुल निर्माण का आश्वासन

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्ष 2023 के अगस्त महीने में ग्राम पंचायत सरपंच प्रकाश बाहे के नेतृत्व में हम सैकड़ों ग्रामीणों ने बालाघाट कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा था। समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर सरपंच सहित समस्त पंचगण ने सामूहिक इस्तीफा देने तक की तैयारी जताई थी।
इसके बाद 26 अगस्त 2023 को ग्राम पंचायत सुसवा में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया था! शिविर में प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने पुल की समस्या प्रमुखता से उठाई।
बताया गया कि ग्राम सुसवा और उसके टोले के बीच बहने वाले नाले पर पुल निर्माण को लेकर आरईएस एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण कर स्टीमेट तैयार करने तथा जल्द पुल निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था।
तीन साल बीते, लेकिन आज भी नहीं बना पुल

ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के करीब तीन वर्ष बाद भी नाले पर पुल का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश आते ही समस्या फिर जस की तस खड़ी हो जाती है। नाला पार करना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है, जबकि स्कूली बच्चों का भविष्य सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश

तीन साल से लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब ग्रामीणों ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद करते हुए प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ आंदोलन का रुख अपनाने की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों की दो टुक नहीं बना पुल तो करेंगे कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाले पर पुल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो हजारों ग्रामीण बालाघाट पहुंचकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।

इनका कहना है - बारिश के तीन महीने मे नाले मे ज्यादा पानी होने के कारण स्कुल नहीं जा पाते जिस कारण पढ़ाई प्रभावित होती है क्योंकि मै सुसवा के हाईस्कूल मे पढ़ती हूँ!मै चाहती हुँ की हमारे ग्राम हुड्डूटोला से सुसवा के बिच बह रहे नाले पर पुल और सड़क बन जाएं।
पलक पंन्द्रे (छात्रा )

बारिश के तीन महीने हम सभी बच्चे नाले मे ज्यादा पानी होने के कारण स्कुल नहीं जा पाते और हमारे माता पीता घर मे रहते है तो हमें कंधे पर बिठाकर नाला पार करवाते और शाम मे फिर लेने आते है मै माध्यमिक शाला सुसवा मे पढ़ता हुँ।
अखिल मर्सकोले (छात्र )

मै ग्राम पंचायत सुसवा का सरपंच हुँ और अपनी इस नाले की समस्या सहित ग्राम की विभिन्न समस्याओं को लेकर अगस्त 2023 मे सैंकड़ो ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय बालाघाट पहुंचकर ज्ञापन सौंपे था उस वक़्त के तत्कालीन कलेक्टर महोदय ने हमारे ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए 26 अगस्त 2023 मे ही,मेरी ग्राम पंचायत मे एक जन समस्या निवारण शिविर लगाया गया जिसमे सभी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एंव स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे उस समय सभी ग्रामीणों ने उक्त नाले पर पुल निर्माण को लेकर अपनी बात प्रमुखता से रखी तो तुरंत RES एंव लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों ने स्टीमेट बनाकर जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया था! लेकिन आज दिनाँक तक पुल निर्माण नहीं हो पाया जिस कारण स्कूली बच्चों एंव सुसवा के ही दो आदिवासी टोले मे निवासरत ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है यदि इस वर्ष भी पुल निर्माण की नींव नहीं रखी गईं तो हम सभी ग्राम पंचायत के ग्रामीणजन कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और विधानसभा एंव लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे।
प्रकाश बाहे (सरपंच ग्राम पंचायत सुसवा)

बिल्कुल ये बात सही है की सुसवा और उसके दो अन्य टोले के बिच बहने वाले नाले पर पुल नहीं होने से स्कूली बच्चों एंव राशन लेने आने वाले ग्रामीणों को सुसवा आने मे बारिश के तीन महीने काफ़ी परेशानी होती है।
अगस्त 2023 मे सुसवा के ग्रामीणों ने कलेक्टर बालाघाट को ज्ञापन सौंपा था उसके बाद जन समस्या निवारण शिविर भी लगा जिसमे मै खुद बतौर उपाध्यक्ष जनपद पंचायत किरनापुर उपस्थित था और RES एंव लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों ने जल्द स्टीमेट बनाकर पुल निर्माण की बात कही थी लेकिन ओ फाइल आखिर कहाँ लटकी है समझ से परे है अब ग्रामीणों का गुस्सा हम जनप्रतिनिधियों पर भी फुट रहा है!मै चाहता हुँ की विधायक एंव सांसद महोदया इस पुल निर्माण को गंभीरता से लें और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने मे मदद करें अन्यथा आने वाले विधानसभा, लोकसभा चुनावों मे बहिष्कार की स्तिथि बन सकती। 
भुवन सिंह राहंगडाले (उपाध्यक्ष-जनपद पंचायत किरनापुर)

रिपोर्टर : विशाल महानंद 

 

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