सिर्फ स्मार्ट मीटर बाकी सब स्मार्ट कियूँ नहीं, बरसात में ध्वस्त हो गई विद्युत व्यवस्था गुल रही बिजली, लोग परेशान

फतेहपुर/बाराबंकी : क्षेत्र में बारिश शुरू होते ही बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। बारिश बंद होते ही उमस भरी गर्मी में बिजली न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी। बिना बिजली के घरों के इन्वर्टर भी जवाब दे गये। जिससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

शुक्रवार को विद्युत उपखंड फतेहपुर में शासन की ओर से बिजली आपूर्ति के दावों की पोल पहले दिन की जोरदार बारिश ने खोलकर रख दी है। कस्बा क्षेत्र से लेकर देहात तक बिजली की अघोषित कटौती लोगों को पसीने से तर कर रहीं थीं। तो वहीं कुछ घंटों की बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से लोग हलकान नजर आयें।

गौरतलब है बारिश के मौसम में विद्युत विभाग की शिथिल कार्यशैली बिजली की अघोषित कटौती बनी हुई है। करीब 9 घंटे बिजली गुल रहने से कई घरों के जहां इन्वर्टर जवाब दे गये। तो वहीं सुबह करीब 8 बजे गुल हुई बिजली का फाल्ट ढूंढने में विद्युत विभाग के कर्मचारियों को करीब पांच घंटे लग गये। जिसके बाद कहीं जाकर फाल्ट ठीक हो सका। 

इसके बाद एक तो करेला करु उस पर नीम चढ़ा वाली कहावत चरितार्थ हो गई। विद्युत विभाग द्वारा जानकारी मिली कि बत्री फीडर में तकनीकी फाल्ट हो गया है। फिर तो हलकान जनता ने अपना सिर ही पकड़ लिया। एक तरफ व्यापारियों के कल कारखाने बंद रहे तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तरों में काम करने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

इस संबंध में एसडीओ मनोज कुमार ने बताया, क्षेत्र के मसूदपुर गांव के पास 33 हजार का मेन लाइन का तार टूट गया था तो वहीं बत्री फीडर में फाल्ट होने की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। शाम पांच बजे तकनीकी खामियों को दुरुस्त करते हुए विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है परन्तु. एक नालापार दक्षिणी मछली मंडी से पकरिया वाला फेस  24 घंटे में दो से तीन घंटे ही विद्युत आपूर्ति हुई लोग रात भर अँधेरे में पड़े रहे, उनकी सुनने वाला कोई नहीं, पावर हाउस का नम्बर नोट रिचेबल, आउट ऑफ कवरेज़ एरिया, या स्विच ऑफ,, लाइन मैन नम्बर उठाता नहीं, कर्मचारियों का दिल हुआ तो उठा लिया वर्ना आप मिलाते रहिये, कोई सुनने वाला नहीं, एक मोहल्ले के सम्बन्ध में एस डी ओ से बाट हुई तो उन्होंने ने बताया की लोकल फाल्ट बाद में देखी जाएंगी, उसके बाद कब सही होगी कोई समय निर्धारित नहीं है लोगों का कहना कहना है अगर सरकार स्मार्ट मीटर से पहले  अगर स्मार्ट लाइट व्यवस्था करती तो ज्यादा सही था कियुँकि सिर्फ मीटर स्मार्ट ही है बाक़ी सब वहीं दशकों पुराना इंतिजाम 
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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