एसडीएम के औचक निरीक्षण में परियोजना कार्यालय, आंगनवाड़ी और स्कूलों की खुली पोल
आमला : आमला में शुक्रवार को एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया ने महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और कर्मचारियों की मौजूदगी की जांच की गई। कुछ कर्मचारियों के अवकाश आवेदन तो दर्ज मिले, लेकिन कार्यों की गति संतोषजनक नहीं पाई गई। एसडीएम ने कार्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था कमजोर मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया। लाड़ली लक्ष्मी योजना, मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा कर लंबित मामलों को जल्द निपटाने को कहा। परियोजना अधिकारी को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्थिति जानने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी निरीक्षण में सुधार नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
कुपोषित बच्चों की सूची मांगी, आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण और भोजन व्यवस्था जांची
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने परियोजना अंतर्गत दर्ज कुपोषित बच्चों की जानकारी ली और उपचार व पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की स्थिति पूछी। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में 179 कुपोषित बच्चे चिन्हित हैं, जिनकी सतत निगरानी की जा रही है। एसडीएम ने गंभीर श्रेणी के बच्चों को प्राथमिकता से एनआरसी भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों को दिए जा रहे नाश्ते और भोजन की गुणवत्ता देखी। मेन्यू अनुसार भोजन वितरण और बच्चों की उपस्थिति पर भी जानकारी ली गई। कई केंद्रों पर साफ-सफाई बेहतर रखने और समय पर भोजन वितरण के निर्देश दिए गए। सहायिकाओं को बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और वजन मापन नियमित कराने को कहा गया। पोषण अभियान में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
प्राथमिक शाला हसलपुर में एमडीएम और उपस्थिति रजिस्टर में गड़बड़ी, 15 दिन में मांगा पालन प्रतिवेदन
एसडीएम ने ग्राम हसलपुर की प्राथमिक शाला का भी औचक निरीक्षण किया, जहां मध्याह्न भोजन योजना और छात्रों की उपस्थिति की जांच की गई। निरीक्षण में पाया गया कि उपस्थिति रजिस्टर में 15 अप्रैल तक प्रविष्टियां दर्ज थीं, लेकिन 16 और 17 अप्रैल की एंट्री नहीं की गई थी। स्कूल में कुल 17 विद्यार्थियों में से केवल 4 छात्र उपस्थित मिले, जबकि दो बच्चों के आंगनवाड़ी केंद्र जाने की जानकारी दी गई। एसडीएम ने कम उपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए पालकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के निर्देश दिए। कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक वितरण रजिस्टर भी जांचा गया। कुछ पुस्तकों पर प्राप्तकर्ताओं के हस्ताक्षर नहीं मिलने पर रिकॉर्ड दुरुस्त करने को कहा गया। रसोईघर में साफ-सफाई और भोजन गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को 15 दिन में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए गए।
रिपोर्टर : संदीप


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