विवादित भ्रष्ट बी एम ओ अशोक नरवरे के स्थानांतरण से लोगो में हर्ष
बेतुल : आमला के लोगो ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक के प्रति आभार प्रकट किया है
कहावत है कि पाप का घड़ा एक न एक दिन फूटता जरूर है,अति का अंत होता है।आज ठीक वैसा ही हुआ सिविल अस्पताल आमला के विवादित बी एम ओ डॉ अशोक नरवरे का आमला से स्थानांतरण हो गया।
डा अशोक नरवरे के सिविल अस्पताल आमला के स्थानांतरण होने से आमला के लोगों में हर्ष है लोगो का कहना है कि अब सिविल अस्पताल आमला की दशा सुधर जाएगी।मरीजों को इसका लाभ मिलेगा और शासन की योजनाओं में कोई गड़बड़ी नहीं होगी।ज्ञात हो कि विवादित बी एम ओ डॉ अशोक नरवरे पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप है और उन पर बहुत सी जांच चल रही है और जांच भी हो चुकी है।उल्लेखनीय है कि डॉ नरवरे के संरक्षण में आमला में पदस्थ डॉ शेख फराज बिना कार्य किये और आमला में सेवा दिए बिना ही वेतन आहरण किया गया जिसमें इनकी भूमिका संदिग्ध है। साथ ही उपस्थिति पंजी में भी डॉ के फर्जी साइन बताकर वेतन निकाला गया।आमला में झोला छाप डाक्टरों से नियमित मासिक वसूली भी इनके द्वारा की जाती रही।एक कंपनी विशेष के कफ़ सायरप अस्पताल में इनके द्वारा सप्लाई और वितरित किए ।आमला अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सिविल अस्पताल में उन्नयित हुए लगभग २ वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। अस्पताल की कमान पिछले लगभग ७ वर्ष से अधिक समय से डॉ अशोक नरवरे बीएमओ के हाथो में रही है, जिसने अस्पताल को पंगु एवं लाचार बनाये रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। और अस्पताल को अपने निजी स्वार्थ एवं आर्थिक उद्देश्यो के लिए उपयोग करते हुए भ्रष्टाचार एवं झोला छाप डॉक्टरों से अवैध वसूली का जरिया बना रखा है। वे स्वयं हॉस्पिटल में ना तो काम करते है और ना ही किसी अच्छे डॉक्टर को कार्य करने देते है। पिछले ७ से ८ वर्षो में कई डॉक्टर आमला में पदस्थ हुए लेकिन उन सभी को डॉ अशोक नरवरे बीएमओ द्वारा सीएमएचओ बैतूल को माध्यम बनाकर विभिन्न तरीकों से परेशान कर आमला अस्पताल से भगा दिया गया । वो अपने राजनीतिक सम्पर्क सूत्रो द्वारा अच्छे डॉक्टरों का अटैचमेंट करवा देते है या फिर उन्हें परेशान करके भगा देते है । जिसका सीधा नुकसान विगत कई वर्षों से हम आमला क्षेत्र की जनता को होता आ रहा है। आमला में कोई निजी अस्पताल भी नहीं होने के कारण हम आमला क्षेत्रवासी शहर के एक मात्र सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहते है। बीएमओ डॉ अशोक नरवरे आए दिन भ्रष्टाचार की सुर्खियों में घिरे रहते है। इनके स्वयं के किसी गंभीर प्रकरण को लेकर ये कई दिनों तक अपनी ड्यूटी से लापता रहे थे जिसके संबंध में इनके स्वयं के परिवार द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट भी की गई थी । इन्होंने कर्तव्यनिष्ठ एक्सरे टेक्नीशियन रवि द्वारा एक्सरे प्रिंटिंग हेतु सामान्य पेपर की जगह एक्सरे फ़िल्म माँगी तो डॉ नरवरे द्वारा उनपे अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर आमला सिविल अस्पताल से घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थानांतरित करा दिया गया । स्टाफ नर्स छत्रपाल द्वारा ड्यूटी से ५ मिनिट पहले अस्पताल से निकल जाने पर इनका १० दिन का वेतन काट दिए जाने पर वह मानसिक रूप से बहुत परेशान रहती थी और कुछ दिनों बाद उनका शव उनके घर से संधिग्ध अवस्था में पाया गया था । इनके द्वारा वार्ड बॉय दिनेश ब्राह्मणे को भी बिना किसी कारण के झूठा आरोप लगा कर आमला से मुलताई अटैच करवा दिया गया था। डॉ नरवरे द्वारा दंत चिकित्सक डॉ फ़राज़ शेख को हॉस्पिटल में महीनों तक उपस्थित ना रहने के बावजूद उससे साठ गांठ करके उसे लाखो रुपए का भुगतान करके भारी भ्रष्टाचार किया गया है । तत्कालीन डॉक्टर्स एवं नर्स द्वारा मरीजो के साथ गाली गलोच एवं दुर्व्यवहार भी किया जाता रहा है, हम आमला वासियो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी किया है,यहां यह भी उल्लेख करना जरूरी है की जो भी इनके भ्रष्टाचार के मामले को उठाता है उस पर डॉ नरवरे अपने रिश्तेदार और अपने अधीनस्थ छोटे कर्मचारियों से पुलिस में झूठी शिकायत करवा देता है।ऐसे ही एक प्रकरण में पुलिस ने जांच में पाया था कि अपने आपको बचाने के लिए डॉ नरवरे अपने रिश्तेदार से झूठी शिकायत करवाते है और पुलिस ने इसे लिखित में अपने जांच में उल्लेख किया था इसका दस्तावेज भी उपलब्ध है।
अब अपनी राजनीतिक पहुंच के चलते अपने राजनीतिक आकाओं नेताओं के साथ अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए डॉ नरवरे प्रयास में लगे हुए है।
यदि इनका स्थानांतरण यदि रुकता है तो आमला में विभिन्न संगठन इसके खिलाफ धरना प्रदर्शन देंगे और आमला बंद करेंगे।
ज्ञात हुआ है कि डॉ नरवरे अपना स्थानांतरण रोकने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों पर दबाव डालकर ट्रांसफर रुकवाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलवा रहे हैं और अस्पताल के ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी जो उनके भ्रष्ट कार्यों में उनका साथ देते है उन्हें इस काम में लगा रखा है।आगे इन कर्मचारियों की भी जांच करवाई जाएगी ।
आमला वासियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय विधायक से आग्रह किया है कि डॉ नरवरे का स्थानांतरण न रोका जाए और इन्हें आमला से जल्द से जल्द रिलीव किया जाए।
रिपोर्टर : दिलीप
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