क्रेशर की दहशत में अगावली! श्मशान के रास्ते पर बड़ा सवाल
भरतपुर - बयाना क्षेत्र के अगावली गांव से बड़ी खबर सामने आई है। यहां क्रेशर संचालन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश के साथ-साथ डर का माहौल बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर के आसपास श्मशान घाट, कब्रिस्तान, पोखर, आबादी और स्कूल ग्राउंड जैसी जगहें मौजूद हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा और दूरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल श्मशान घाट के रास्ते को लेकर है। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर गेट लगा होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ता है। तीन दिन पहले राधा कृष्ण नामक ग्रामीण की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय भी करीब एक घंटे तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस के पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार के लिए रास्ता खुल सका।
ग्रामीण क्रेशर से होने वाले कंपन को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि कई मकानों में दरारें आई हैं और कुछ गरीब परिवारों को घरों में रहने तक में परेशानी हो रही है। इन आरोपों की प्रशासनिक जांच जरूरी है। इसी मामले की कवरेज करने पहुंची मीडिया टीम के साथ कथित तौर पर रोकने, अभद्रता, धमकी और रास्ता बाधित करने की घटना भी सामने आई। पत्रकार टीम ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और टीम को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की।
अब सवाल कई हैं— क्रेशर की जमीन की वास्तविक सीमा क्या है? श्मशान और कब्रिस्तान के रास्ते पर गेट किस आधार पर लगाया गया? आबादी और स्कूल से निर्धारित दूरी के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं? ग्रामीणों की मांग है—मामले की निष्पक्ष जांच हो, सार्वजनिक रास्ते खुले रहें और ग्रामीणों को सुरक्षा मिले। अब देखना होगा कि प्रशासन कब कार्रवाई करता है।
रिपोर्टर - देवेन्द्र सिंह सोलंकी

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