लक्ष्य शिक्षण संस्थान में धूमधाम से मनाई गई बाबा साहेब की 135वीं जयंती
बलरामपुर : लक्ष्य शिक्षण संस्थान, बचवार (शंकरगढ़) के प्रांगण में बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी श्री मनीराम यादव जी के निर्देशानुसार एवं शंकरगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल खान जी के मार्गदर्शन में भारतीय संविधान के निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने बाबासाहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का संकल्प लिया
समारोह का शुभारंभ लक्ष्य शिक्षण संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव द्वारा दीप प्रज्वलन और बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के संचालक ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय व समतामुलक समाज के प्रबल पक्षधर,विश्व रत्न,भारत रत्न,भारतीय संविधान निर्माता,ज्ञान का प्रतिक,प्रथम कानून मंत्री,गणतंत्र के महानायक,नारी मुक्तिदाता,महान अधिवक्ता,महान समाज सेवी,दूरदर्शी,शिक्षाविद,बोधिसत्व,युगपुरुष, राष्ट्र निर्माता,गरीब,शोषित,मजदूरों,पिछड़ो के मशीहा,अर्थशास्त्री,समाजशास्त्री, इतिहासकार,लेखक,संपादक, पत्रकार,शिक्षा के अग्रदूत,भारत भाग्य विधाता,11 भाषा,64 विषयों के ज्ञाता,32डिग्रियां,संसार में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे, समानता,स्वतंत्रता, भाईचारे का प्रतिक डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी की 135 वीं जन्म दिवस के महापर्व की आप सभी देश वाशियों को बधाई व हार्दिक शुभकामनाये । जयभीम,जय भारत,जय संविधान।।
डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबासाहेब ने शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार माना था। 'लक्ष्य शिक्षण संस्थान बचवार शंकरगढ़' उनके बताए मार्ग पर चलते हुए ग्रामीण अंचल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
जयंती के उपलक्ष्य में संस्थान में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:
भाषण प्रतियोगिता: "अंबेडकर और आधुनिक भारत" विषय पर विकास यादव ने ओजस्वी भाषण दिए।
निबंध लेखन: "संविधान और हमारे मौलिक अधिकार" विषय पर अनुष्का संजना अर्चना ईशा मिरी ने अपनी लेखनी के माध्यम से बाबासाहेब के विचारों को साझा किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: बच्चों ने भीम गीतों और लघु नाटकों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया।
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान देवंदन पन्ना ने बाबासाहेब के सामाजिक न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण के योगदान पर प्रकाश डाला। रतु पैकरा ने कहा कि 135वीं जयंती के इस पड़ाव पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक सशक्त और शिक्षित समाज का निर्माण करेंगे। इस अवसर पर सरिता यादव हिमांशु हिमाचल प्रियांशु सूर्यकांत रिफत प्रतिभा प्रांजल यादव देवनारायण सचिन नीरज रंजीत रोहित प्रीतम सेजल यादव कुनाल गुप्ता महक विनम मनीष प्रताप अमरदीप सोहन रोशन सतपाल दीपक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे
रिपोर्टर : मुकेश सिंह

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