शिक्षा और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान, कलेक्टर ने दिए पोटाकेबिन और नर्सिंग कॉलेज शुरू करने के निर्देश
दंतेवाड़ा : जिले के गीदम विकासखंड अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके तहत विशेष रूप से शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले पूर्ण करने पर जोर दिया गया है। इस क्रम में कलेक्टर ने पंचायत बुधपदर के गुमरगुडा, जपोड़ी पोटाकेबिन में बालिका एवं बालक शौचालय निर्माण, पानी की समुचित व्यवस्था हेतु नए बोर का खनन, सीट मरम्मत कार्य सहित अन्य आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विद्यालय में स्वच्छता बनाए रखने हेतु रेन वॉटर वाशिंग सिस्टम की व्यवस्था करने पर भी बल दिया गया, ताकि एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा बुधपदर पंचायत अंतर्गत इस 500 सीटर पोटाकेबिन को आगामी शिक्षा सत्र में संचालन किए जाने की योजना है।
इसके अलावा कलेक्टर ने बड़ेकारका से कोड़नार तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए मिट्टी-मुरूम कार्य एवं 6 पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। यह सड़क क्षेत्रीय आवागमन को सुगम बनाने के साथ ही ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों को भी आसान बनाएगी। इसके साथ ही कलेक्टर ने बारसुर स्थित डैनेक्स भवन के मरम्मत कार्य को भी प्राथमिकता में रखते हुए इसे आगामी दो माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर के निरीक्षण भ्रमण के दौरान डेनेक्स कर्मचारियों ने भवन से संबंधित समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। अतः कलेक्टर ने भवन में हो रहे पानी के सीलन और पानी रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए एसडीएम को आवश्यक मरम्मत करने के निर्देष दिए। वहीं डैनेक्स फैक्ट्री के पास स्थल पर प्रस्तावित 240 सीटर नर्सिंग कॉलेज के लिए भी आवश्यक तैयारियां शुरू करने को भी कहा गया, इस नर्सिेग कॉलेज के निर्माण से क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के नए अवसर विकसित होंगे। इस क्रम में कलेक्टर द्वारा ग्राम कोरकोटी में केश कुंड से पंचायत भवन तक लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी बीटी सड़क निर्माण के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। यह सड़क ग्रामीणों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी। भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने गांव के सरपंच एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा कि वनोपजों, कृषि सहित अन्य उपलब्ध संसाधनों की बदौलत ग्रामीण वर्तमान में जो 10-15 हजार आय प्राप्त कर रहे है। उसे बढ़ाकर 30 से 35 हजार रुपये तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इस दौरान जनपद पंचायत सीईओ बलराम ध्रुव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रिपोर्टर : ए आर कर्मा

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